E-R MODEL IN HINDI

E-R MODEL:-

E-R model को 1976 में peter ने प्रस्तावित किया था। E-R  मॉडल का उपयोग real-world की conceptual schema को प्रस्तुत करने के लिए किया जाता है। E-R model डेटाबेस के conceptual view को define करता है।

E-R model को E-R diagram भी कहते है क्योंकि यह entities को graphical रूप से represent करता है और entities के मध्य relationship को दर्शाता है।

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Components of E-R MODEL:-

E-R MODEL दो मुख्य components पर आधारित है; पहला entities और दूसरा उनके मध्य relationships.

ENTITY:- एक entity कोई भी person, place और real word object हो सकता है। जैसे Customer id, customer name और Customer city आदि attributes है जिन्हें customer entity में define किया गया है। E-R diagram में entity को rectangles के द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
Entity sets:- एक entity set एक ही प्रकार के entities का एक समूह है जोे समान properties(गुण) share करता है।
types of entities:- DBMS में entity निम्नलिखित प्रकार की होती है।
1.Weak entity:- weak entity एक ऐसी entity होती है जो अपने attributes के द्वारा uniquely identify नही हो पाती है। तो हम कह सकते है कि इसमें primary key नही होती है।
2. strong entity:- वह entity जिसके पास primary key होती है strong entity कहलाती है।

Relationship:- E-R diagram में relationship, entities के मध्य relation को दर्शाता है। Relationship को diamonds के द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
उदहारण के लिए:- teacher teaches_at school और soldier enrolls in a military. जहाँ teachs_at और enrolls, relationship कहलाते हैं।
DEGREE OF RELATIONSHIP:-relationship तीन प्रकार की होती है।
1:- Binary:- अगर relationship type की degree दो होती है तो उसे binary कहते है।
[binary= degree 2.]

2.Ternary:- अगर relationship type की degree तीन होती है तो उसे ternary कहते है।
[Ternary= degree 3.]

3.N-ary:- अगर relationship type की degree n होती है तो उसे n-ary कहते है।
[n-ary=degree n.]

Attributes:- एक attribute, entity की प्रॉपर्टी होती है जो की अन्य entities से different होती है और वो entity के बारें में सुचना provide करती है। वे एट्रिब्यूटस जो entity को identify करते है उन्हें key attributes कहते है और वो attributes जो entity को describe करते है उन्हें non-key attributes कहते है। एक attribute type, entity type की प्रॉपर्टी होती है। attribute को ellipse के द्वारा represent किया जाता है।
उदाहरण के लिए- student एक entity है और उसका subject name, subject code तथा gender उसके attributes हैं।

types of attributes:-
DBMS में attributes निम्नलिखित प्रकार के होते है:

1.Simple and composite attribute:- जो simple attribute होते है वो subparts में divide नही होते है जबकि composite attribute subparts में विभाजित हो जाते है।
उदहारण के लिए:- name attribute, first name तथा last name में विभाजित हो जाता है। जहाँ name एक composite attribute है और first name तथा last name, simple attributes है।

2.Single valued and multivalued attributes:- वह attribute जिसके पास किसी विशेष entity के लिए केवल एक ही value होती है single value attribute कहलाती है। उदहारण के लिए- किसी व्यक्ति की age एक सिंगल वैल्यू एट्रिब्यूट है।
वह attribute जिसके पास एक entity के लिए बहुत सारी values होती है multivalued attribute कहलाती है।
उदहारण के लिए:- किसी car के लिए colors तथा employee का फ़ोन नंबर।

3.Stored and derived attribute:- इस प्रकार के attribute की value को दूसरे related attribute की value से derived किया जाता है।
उदहारण के लिए:- किसी person की age को उसके birth date से derived किया जाता है। तो age एक derived attribute है तथा birth date एक stored attribute है।

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20 thoughts on “E-R MODEL IN HINDI”

    1. E Commerce me Kuch ni jyada….. Business to costumer, clustered to business and all that inko dekh Lena

  1. Bahut achhi lagi aapki post
    Ek dum sugam saral bhasha hai
    Padhke bahut samjh aaya
    So thanks you sir ji…..

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