network security in hindi & principles of network security in hindi

network security क्या है? इसके goals क्या है? तथा इसकी आवश्यकता क्यों पड़ती है?

Network security in hindi:-

network security को पढने से पहले हम पढेंगे कि नेटवर्क क्या है?

network (नेटवर्क):- नेटवर्क का मतलब है आपस में जुड़े रहना अर्थात् connected रहना.
आईटी में, नेटवर्क दो या दो से अधिक कंप्यूटरों (नोड्स) का एक समूह होता है जो कि एक दूसरे से कम्युनिकेशन paths के द्वारा जुड़े रहते है. ये कम्युनिकेशन paths वायरलेस अथवा wired हो सकता है. नेटवर्क के द्वारा यूजर डेटा, फाइल तथा डिवाइस share (साझा) कर सकते है. बिना नेटवर्क के कम्युनिकेशन नहीं हो सकता है.

network security:-

network security एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा किसी नेटवर्क को unauthorized access (बिना अनुमति के एक्सेस), hacking तथा daniel of service attack (DOD), वायरस, worms आदि सब से बचाया जाता है.

network security सबके द्वारा implement नहीं होती है इसके लिए एक्सपर्ट की आवश्यकता होती है.

किसी नेटवर्क में network security को बढाने के लिए हमें नेटवर्क की मोनिटरिंग करनी चाहिये, सॉफ्टवेर तथा हार्डवेयर कंपोनेंट्स का प्रयोग करना चाहिए. जैसे कि firewall, एंटीवायरस सॉफ्टवेयर, IDS आदि.

Network security

Need of network security (नेटवर्क सिक्यूरिटी की आवश्यकता):-

नेटवर्क सिक्यूरिटी की जरुरत अलग अलग प्रकार से होती है जो निम्न है:-
1:- इन्टरनेट में users की महत्वपूर्ण और गोपनीय जानकारी को hackers तथा attackers से बचाने के लिए.
2:- डेटा तथा सूचना को unauthorized access, loss तथा modification से बचाने के लिए.

goals of network security in hindi:-

Confidentiality:- confidentiality अर्थ है कि केवल सेंडर तथा रिसीवर ही मैसेज को देख सकते है अर्थात एक्सेस कर सकते है.
confidentiality तब खत्म हो जाती है जब कोई unauthorized व्यक्ति मैसेज को एक्सेस कर लेता है.

authentication:- authentication मतलब यूजर की identity को authenticate करना है. अर्थात् यह सुनिश्चित करना कि जो व्यक्ति मैसेज भेज रहा है वह वही व्यक्ति है कोई दूसरा तो नहीं है.

integrity:- integrity से तात्पर्य है कि मैसेज में कोई बदलाव (modification) नहीं होना. integrity तब तक बनी रहती है जब तक कि मैसेज में कोई बदलाव नहीं होता है.

सेंडर के मैसेज send करने के बाद मैसेज में कोई बदलाव जैसे:- alter, insert, delete आदि किया जाता है तो उसकी integrity समाप्त हो जाती है.

non-repudation:- कभी-कभी ऐसी स्थिति आ जाती है कि जब कोई यूजर मैसेज भेजता है परन्तु बाद में कहता है कि यह मैसेज मैंने नहीं भेजा है.
तो non-repudation ऐसे किसी भी प्रकार की possibilities को नहीं मानता है. अर्थात् non-repudation, सेंडर को मैसेज भेजने के बाद मना करने की आज्ञा नहीं देता है.

access control:- access control यह सुनिश्चित करता है कि कौन यूजर कौन सी चीज एक्सेस कर सकता है और कौन सी एक्सेस नहीं कर सकता.

availability:- availability यह कहता है कि जो resource है वह केवल authorized यूजर के लिए ही उपलब्ध होगा बाकी को नहीं.

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