disk scheduling in hindi types of disk scheduling algorithms in hindi

Disk scheduling in hindi:-

disk scheduling

हम एक कंप्यूटर में एक समय में बहुत सारें operation कर सकते है तो उन सभी ऑपरेशन की requests को मैनेज करना बहुत जरुरी होता है जो सिस्टम में एक समय में run होते है.

इन सभी requestsको नियंत्रित करने तथा इन्हें मैमोरी उपलब्ध कराने के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम के द्वारा disk scheduling का प्रयोग किया जाता है.

इसमें CPU के समय को सभी requests के मध्य बाँट दिया जाता है जिससे disk scheduling यह निर्धारित करती है कि कौन सा प्रोसेस किस समय CPU के द्वारा execute किया जायेगा.
scheduling का अर्थ है कि एक समय में CPU को दिए गये सभी requests को execute करना.

सरल शब्दों में कहें तो disk scheduling का प्रयोग किसी भी request की seek time को कम करने के लिए किया जाता है. चूँकि कंप्यूटर में एक समय में operations की बहुत सारी request आती है  जिससे सिस्टम बहुत ही slow हो जाता है. तो इन requests को schedule करना बहुत जरुरी हो जाता है जिससे कि सिस्टम की कार्यक्षमता प्रभावित ना हों.

disk scheduling को I/O scheduling भी कहते है.

disk scheduling algorithms in hindi:-

कुछ disk scheduling algorithms निम्नलिखित है:-

  • FCFS (first come first serve)
  • SSTF (shortest seek time first)
  • scan
  • C-scan scheduling

FCFS (first come first serve):-

FCFS scheduling सभी scheduling algorithms में सबसे सरल है.

FCFS में, जो भी request पहले आएगी उसे सबसे पहले execute किया जाता है. इसमें सभी requests एक queue (पंक्ति) में एक के बाद एक लगी रहती है. सभी requests का एक क्रम होता है और वह अपने क्रमानुसार ही CPU के द्वारा execute होती है.

इस अल्गोरिथम का लाभ यह है कि इसे implement करना बहुत आसान होता है.
इस अल्गोरिथम की हानि यह है कि इससे seek time कम नहीं होता है.

SSTF (shortest seek time first):-

SSTF algorithm में, उस request को सबसे पहले execute किया जाता है जिसका seek time सबसे कम होता है अर्थात् वह request जो कि run होने के लिए CPU का सबसे कम समय लेगी उसे सबसे पहले execute किया जायेगा.

इसमें सभी requests की जांच की जाती है और उनके seek time के अनुसार उन्हें क्रम में arrange किया जाता है और जिस request का seek time सबसे कम होता है उसे सबसे पहले execute कर दिया जाता है.

SSTF जो है वह FCFS से बेहतर है क्योंकि यह सिस्टम के औसत response time को घटा देता है और सिस्टम के throughput (प्रवाह क्षमता) को बढ़ा देता है.

लेकिन इसकी हानि यह है कि कुछ requests को यह पूरा नहीं करता है क्योंकि अगर request का seek time, आने वाली request के time से अधिक होता है तो.

scan scheduling:-

इस अल्गोरिथम को elevator algorithm भी कहते है.

इस अल्गोरिथम में, डिस्क में सबसे नीचे की तरफ scan करते हुए path में मिलने वाली requests को execute किया जाता है और फिर डिस्क के सबसे नीचे end से होते हुए ऊपर की तरफ scan करते हुए path में मिलने वाली requests को execute किया जाता है.

जब इसमें scan पूरा हो जाता है अगर उसके बाद कोई request आती है तो यह उसे तब तक पूरा नहीं करेगा जब तक कि वह वापस नीचे से ऊपर scan करते हुए नहीं आ जाता.

SCAN का लाभ यह है कि यह FCFS तथा SSTF की तुलना में उच्च throughput देता है तथा औसत response time कम करता है.

परन्तु इसकी हानि यह है कि इसमें उस request को सबसे ज्यादा इन्तजार करना पड़ता है जिसकी location को डिस्क में अभी अभी (recently) visit किया हो.

C-scan scheduling:-

C scan scheduling में सभी requests को circular list के द्वारा arrange किया जाता है. circular list वह लिस्ट होती है जिसमें ना तो starting point होता है और ना ही end point. अर्थात् जो end point होता है वही starting point भी होता है.

C scan scheduling जो है वह scan scheduling की तरह ही समान है परन्तु इसमें डिस्क के starting point से requests को execute करते हुए end point तक जाते है और end point पर पहुंचने के बाद वापस starting point पर आ जाते है.

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