what is JMS in hindi, topic and queue in hindi

JMS in hindi:-

JMS का पूरा नाम java message service (जावा मैसेज सर्विस) है. JMS एक एप्लीकेशन प्रोग्राम इंटरफ़ेस (API) है जो कि दो या दो से अधिक clients के मध्य कम्युनिकेशन को सपोर्ट करता है.

दूसरे शब्दों में कहें तो, “JMS एक API है जो कि मैसेज को create करने, send करने तथा read करने की सुविधा उपलब्ध करता है.”

JMS को messaging service भी कहते है इसे sun microsystems ने विकसित किया था.

यह loosely coupled, विश्वसनीय तथा asynchronous कम्युनिकेशन प्रदान करता है अर्थात् JMS को अलग अलग clients के मध्य loosely coupled, विश्वसनीय तथा asynchronous मैसेज को exchange करने के लिए बनाया गया है.

JMS जो है वह message protocols तथा message service के लिए एक जैसा इंटरफ़ेस प्रदान करता है. जो कि जावा प्रोग्राम्स को सपोर्ट करते है.

JMS भिन्न कंप्यूटर पर चलने वाले प्रोग्राम्स तथा अलग प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गये प्रोग्राम्स को messaging के द्वारा एक दूसरे से communicate तथा coordinate करने की सुविधा देता है.

JMS की जरुरत क्यों पड़ती है?

जावा में, जब एक एप्लीकेशन से दूसरे एप्लीकेशन में मैसेज भेजा जाता है तो हमें JMS API की आवश्यकता होती है क्योंकि दोनों एप्लीकेशन एक दूसरे के बारें में कुछ नहीं जानती है तथा यहाँ तक की वे दोनों भिन्न देशों में स्थापित (deployed) होती है.

उदाहरण के लिए:- एक एप्लीकेशन X जो है वह भारत में चल रही है तथा दूसरी एप्लीकेशन Y जो है वह अफ्रीका में चल रही है तो उसके लिए हमें एप्लीकेशन X से Y को मैसेज भेजने के लिए JMS का प्रयोग करना पड़ता है.

Advantage of JMS in hindi:-

इसके लाभ निम्नलिखित है:-

1:- asynchronous:- मैसेज को रिसीव करने के लिए क्लाइंट को request भेजने की जरुरत नहीं होती है. मैसेज अपने आप ही क्लाइंट को पहुँच जाता है.

2:- reliable (विश्वसनीय):- यह विश्वसनीय है क्योंकि यह मैसेज के पहुँचने की assurance (आश्वासन) देता है. यह केवल मैसेज को एक बार ही deliver करता है, उस मैसेज को दुबारा नहीं भेजता. जिससे duplicate मैसेज नहीं deliver होते हैं.

3:- इसमें जब रिसीवर down होता है तो रिसीवर के behalf में मैसेज को MOM (message oriented middleware) द्वारा रिसीव कर लिया जाता है और जब रिसीवर फिर से ready हो जाता है तो उसे मैसेज भेज दिया जाता है.

JSM messaging domains in hindi:-

JMS API दो messaging मॉडल का प्रयोग करता है जो निम्न है:-

1:- point-to-point messaging domain

2:- publisher/subscriber messaging domain

1:- point-to-point messaging domain:-

PTP messaging domainpoint-to-point (PTP) मॉडल को queuing model भी कहते है.

PTP में, एक मैसेज केवल एक रिसीवर को ही deliver किया जाता है.

इसमें queue का प्रयोग message oriented middleware (MOM) के रूप में किया जाता है. queue तब तक मैसेज को contain किये रहता है जब तक कि रिसीवर ready नहीं हो जाता है. और जब रिसीवर तैयार हो जाता है तो वह उसे मैसेज भेज देता है.

PTP मॉडल में सेन्डर तथा रिसीवर के लिए मैसेज की कोई timing dependency नहीं होती है.

जब सेन्डर मैसेज भेजता है तो रिसीवर उस मैसेज को fetch कर लेता है, चाहें रिसीवर running में हो या नहीं.

जब रिसीवर मैसेज प्राप्त कर लेता है तो वह सेन्डर को acknowledgement भेजता है.

2:- publisher/subscriber messaging domain:-

Publisher subscriber messaging domainpublisher/subscriber messaging मॉडल में, एक मैसेज सभी subscribers को भेज दिया जाता है. यह ब्राडकास्टिंग की तरह होता है.

इसमें Topic का प्रयोग message oriented middleware (MOM) की तरह किया जाता है अर्थात् Topic एक बुलेटिन बोर्ड की तरह कार्य करता है. subscribers तथा publishers किसी topic को publish तथा subscribe कर सकते है.

मैसेज को contain तथा deliver करने की जिम्मेदारी topic की होती है. topic मैसेज को तब तक retain किये रहता है जब तक कि यह subscribers को distribute ना हो जाएँ.

publisher/subscriber मॉडल में, publisher तथा subscriber के मध्य timing dependency होती है.

इसमें एक मैसेज के बहुत सारें subscribers हो सकते है.

JMS programming model in hindi:-

Jms programming model

JMS के निम्नलिखित objects होते है:-

1:- administered objects – connection factories and destination

2:- connection

3:- session

4:- message producer

5:- message consumers

6:- message listeners

1:- administered objects:- JMS एप्लीकेशन में दो प्रकार के administered objects होते है:-

1:- connection factories
2:- destination

इन दोनों ऑब्जेक्ट्स को JMS provider में एप्लीकेशन सर्वर का प्रयोग करके JMS system admin के द्वारा create किया जाता है. ये दोनों ऑब्जेक्ट्स एप्लीकेशन सर्वर JNDI directory में स्टोर रहते है.

2:- connection:- connection जो है वह JMS provider के साथ वर्चुअल कनेक्शन में encapsulate रहता है.

connection जो है वह connection इंटरफ़ेस स्थापित करता है, जब इसके पास connection factory ऑब्जेक्ट होता है तो इसके द्वारा हम connection को create कर सकते है.

Connection connection = connectionFactory.createConnection();

जब एप्लीकेशन, connection का प्रयोग करना बंद कर देती है तो उसे close कर दिया जाता है.

Connection.close();

3:- session:- session जो है वह single threaded context होता है जिसका प्रयोग messages को produce तथा consume करने के लिए किया जाता है.

जब session जो है वह session इंटरफ़ेस को स्थापित कर देता है हम session को create करते हैं.

Session session = connection.createSession(false, Session.AUTO_ACKNOWLEDGE);

4:- message producer:- message producer एक ऑब्जेक्ट होता है जिसे session के द्वारा create किया जाता है तथा इसका प्रयोग मैसेज को destination तक send करने के लिए किया जाता है. यह messageProducer इंटरफ़ेस स्थापित करता है. हम destination, queue या topic के लिए messageProducer को session के द्वारा create करते है.

MessageProducer producer = session.createProducer(dest);
MessageProducer producer = session.createProducer(queue);
MessageProducer producer = session.createProducer(topic);

जब message producer को create कर लिया जाता है तो send method का प्रयोग मैसेज को send करने के लिए किया जाता है.

producer.send(message);

5:- message consumer:- message consumer एक ऑब्जेक्ट होता है जिसे session के द्वारा create किया जाता है तथा इसका प्रयोग मैसेज को रिसीव करने के लिए किया जाता है. यह messageConsumer इंटरफ़ेस स्थापित करता है.

हम session का प्रयोग MessageConsumer को create करने के लिए करते है.

MessageConsumer consumer = session.createConsumer(dest);
MessageConsumer consumer = session.createConsumer(queue);
MessageConsumer consumer = session.createConsumer(topic);

6:- message listeners:- message listener एक ऑब्जेक्ट होता है जो कि मैसेज के लिए asynchronous event handler की तरह कार्य करता है. message listener जो है वह messageListener इंटरफ़ेस स्थापित करता है.

setMessageListener() के द्वारा हम किसी विशेष MessageConsumer के लिए message listener को डिफाइन कर सकते है.

Listener myListener = new Listener();
consumer.setMessageListener(myListener);

इसे भी पढ़ें:- JSP implicit objects

निवेदन:- अगर आपके लिए jms की यह पोस्ट helpful रही हो तो मुझे कमेंट के द्वारा बताइए तथा इसे अपने दोस्तों के साथ share करें. धन्यवाद.

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