Pipelining in Hindi & Pipeline Stages in Hindi

Pipelining in Hindi (पाइपलाइनिंग क्या है?)

Pipeline ( पाइपलाइन) जो है वह सेगमेंट्स (segments) का कलेक्शन होता है जिसके द्वारा सूचना का प्रवाह (flow) होता है.

Pipelining एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक operation/problem को sub problems में विभाजित कर लिया जाता है और सभी sub problems अलग अलग सेगमेंट में execute होती है तथा सारें सेगमेंट्स एक साथ execute होते है.

दुसरें शब्दों में कहें तो, “Pipelining एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें सी. पी. यू. के हार्डवेयर को इस प्रकार व्यवस्थित किया जाता है जिससे कि सीपीयू की पूरी execution तथा performence बढ़ जाती है.”

उदाहरण के लिये:- माना कि एक बाइक का एक प्लांट है. उसमें तीन stages है जिनसे होकर बाइक को गुजरना पड़ता है. ये तीन स्टेज है:- बाइक की बॉडी बनाना, इंजन बनाना, तथा बाइक को पेंट करना.

और प्रत्येक स्टेज जो है वह अपना कार्य खत्म करने में दो घंटे का वक्त लेती है.

अब बिना pipelining ऑपरेशन (sequential ऑपरेशन) में, पहले स्टेज में प्लांट में बाइक की बॉडी बनाई जाती है और 2 घंटे बाद यह दुसरे स्टेज में चली जाती है जहा इसका इंजन बनता है अब स्टेज 1 में कोई कार्य नहीं हो रहा है.
जब बाइक तीसरे स्टेज में चली जाती है तो स्टेज 1 तथा स्टेज 2 में कोई कार्य नहीं होता है.

परन्तु pipelining में, जब बाइक स्टेज 2 में जाती है तो स्टेज 1 में दूसरी बाइक की बॉडी बनाई जाती है. इसी प्रकार जब बाइक स्टेज 3 में होती है तो स्टेज 1 तथा स्टेज 2 में दूसरी बाइक की बॉडी तथा इंजन का कार्य हो रहा होता है.
इसलिए हमें प्रत्येक 2 घंटे बाद स्टेज 3 में बाइक पेंटिंग के लिए आ जाती है और कोई स्टेज खाली नहीं होती, प्रत्येक स्टेज में कार्य हों रहा होता है.

तो हमने एक बाइक को बनाने में समय लगाया=

बिना pipelining के (sequential में)= 2 घंटे + 2 घंटे + 2 घंटे = 6 घंटे

pipelining में = 2 घंटे

इससे यह पता चलता है की pipelining सिस्टम की कार्यक्षमता को बढ़ा देती है.

Pipeline stages in Hindi – पाइपलाइन के स्टेज

Pipelining stages
pipeline में instruction को execute करने के लिए 5 stages होती हैं. जो निम्न है:-

स्टेज 1:- instruction fetch:- प्रथम स्टेज में, सीपीयू जो है वह मेमोरी में एड्रेस से इंस्ट्रक्शन को read करता है.

स्टेज 2:- instruction decode:- दूसरे स्टेज में instruction डिकोड होता है तथा instruction में प्रयोग किये गये रजिस्टरों में से वैल्यू को प्राप्त किया जाता है.

स्टेज 3:- execution:- तीसरे स्टेज में सभी ALU ऑपरेशनों को पूरा किया जाता है. जो भी गणनाएं होती है वह ALU के द्वारा की जाती हैं.

स्टेज 4:- Memory / IO:- चौथे स्टेज में, इंस्ट्रक्शन में प्रस्तुत मेमोरी में/से मेमोरी operands को read तथा write किया जाता है. तथा यह प्रोसेसर से इनपुट तथा आउटपुट के लिए भी जिम्मेदार होता है.

स्टेज 5:- write back:- कंप्यूटर द्वारा fetch की गयी वैल्यू को मेमोरी में उपस्थित रजिस्टर को वापस write की जाती है.

इसे भी पढ़ें:- parallel computing/processing in hindi

Advantage of Pipelining in Hindi (पाइपलाइनिंग के लाभ)

Pipelining के लाभ निम्नलिखित है.

1:- यह processing में लगने वाले समय को कम कर देता है.

2:- यह सिस्टम के throughput (प्रवाहक्षमता) को बढ़ा देता है.

3:- इससे सिस्टम की विश्वसनीयता बढती है.

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12 thoughts on “Pipelining in Hindi & Pipeline Stages in Hindi”

  1. Explain Linear pipeline and non linear pipeline?
    Explain pipeline hazards?
    Explain tomasulo’s algorithm ?

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  2. Sir you have explained really well with example it become understandable I request you to give everytime an example for understanding and thanks also sir

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