requirement validation in hindi (software engineering)

Requirement validation in hindi

software designing और development में किसी भी तरह का कोई problem ना आये इसलिए requirement validation का use किया जाता है। software को बनाने के लिए जो requirements इक्कठा की जाती है उन्हें analyze किया जाता है कि वह requirements हमारे software बनाने के लिए सही है या नहीं तथा software development के लिए कौन से process का प्रयोग किया जायेगा उसे भी analyze करते है।

Requirements और process को analyze करने के बाद एक SRS (Software requirement specification) बनाया जाता है। SRS बनाने के बाद यह सुनिश्चित करना जरूरी होता है कि SRS में कोई भी error नहीं है और यह specify किया जाता है कि user की requirements correct है।

SRS में ज्यादातर errors present होते है। यदि यह error development process के बाद या फिर user को software deliver करने के बाद detect हुए तो software के cost पर असर पड़ता है। इसलिए SRS से software designing और development के पहले error detect कर लेना चाइये। requirement से सम्बंधित जितनी भी परेशानी होती है उन सभी को check करने के लिए requirement validation परफॉर्म किया जाता है।

SRS में जो भी ambiguity, data redundancy, error / bug की problem है उसे software development के पहले solve कर लेना चाइये। इससे हमारे requirements जो है वह error free रहते है और software भी अच्छी quality का बनता है।

Inputs for Requirement validation in hindi:-

यहाँ requirement validation के लिए तीन inputs होते है –

  1. Requirement documents
  2. Organizational knowledge
  3. Organizational standard

Requirement documents:- organization के standard के अनुसार requirement document को formulated और organized होना चाइये। हर organization का अपना अलग अलग standard होता है इसलिए organization के standard के अनुसार ही requirement document को बनाना चाइये।

Organizational knowledge: – organizational knowledge का प्रयोग organization के बारे में पूरी जानकारी रखने के लिए, software development का process ठीक से चल रहा है या नहीं तथा system की requirements को जानने के लिए किया जाता है।

Organizational standards :- organizational standards में हमे organization के सभी rules, regulations तथा limits पता होनी चाइये जिसे follow करके system develop कर सकें।

requirement validation in hindi

Output of requirement validation in hindi:-

यहाँ requirement validation के दो output होते है –

  1. List of problems
  2. Agreed actions

List of problem:- list of problems में उन सभी problems की list होती है जिन्हें requirement document में discover किया था.

Agreed action :– agreed action एक list होती है। problem list में जितनी भी problems होती है उनको solve करने के लिए जो action परफॉर्म होती है उनको agreed action में display किया जाता है।

Problem Aries during requirement validation (requirement validation में आने वाली परेशानियां) :-

  1. Data redundancy / repetition
  2. Accuracy
  3. Timeliness
  4. Error / bug
  5. Ambiguity

Requirements Validation Tools & techniques in hindi:-

requirement validation की कुछ tools तथा techniques होती है इनका प्रयोग अकेले भी किया जा सकता है या फिर दूसरे techniques के साथ भी किया जा सकता है. इनका प्रयोग पूरे सॉफ्टवेयर को या फिर सॉफ्टवेयर के parts को check करने के लिए किया जाता है.

कुछ tools and techniques नीचे दिए हुए है –

  1. Test CASE generation
  2. Automated consistency analysis
  3. Prototyping

निवेदन: अगर आपको यह पोस्ट पसंद आयी हो तो अपने दोस्तों के साथ share करें तथा requirement validation से संबंधित कोई सवाल हो तो कमेंट के द्वारा पूछ सकते है.

Leave a Comment