GSM channels in hindi and its logical channels

GSM channels in hindi

GSM (global system for mobile communication) बहुत सारें channels का प्रयोग करता है जिनमें data या information को carry किया जाता है.
GSM channels को दो भागों में बांटा जाता है physical channels तथा logical channels.

physical channel को timeslot के द्वारा निर्धारित किया जाता है जबकि logical channels को physical channel में उपस्थित data के द्वारा निर्धारित किया जाता है.

GSM logical channels in hindi:-

GSM में निम्नलिखित logical channels है:-

Traffic channels (TCH)

Traffic channels (TCH) का प्रयोग encoded speech तथा user data को carry करने के लिए किया जाता है. traffic channels को 26 TDMA frames के समूह के द्वारा define किया जाता है.

traffic channels दो प्रकार के होते है:-

  • TCH/FS
  • TCH/HS

TCH/FS:- TCH/FS को full rate traffic channel कहते है. इसका प्रयोग full rate speech को carry करने के लिए किया जाता है. TCH/FS 22.8 kbps डेटा रेट को carry करता है.

TCH/HS:- TCH/HS को half rate speech channel कहते है. इसका प्रयोग half rate speech को carry करने के लिए किया जाता है. TCH/HS का मुख्य उद्देश्य केवल एक GSM channel में दो calls को support करना होता है.

TCH/HS एक चैनल में दो calls को supportकरता है जिसके कारण सिस्टम की capacity दोगुनी हो जाती है. यह 11.4 kbps डेटा रेट को carry करता है.

signalling channels:-

signalling channels का प्रयोग call को स्थापित करने, paging, call को maintain करने तथा synchronization आदि के लिए किया जाता है.

signalling channels मुख्यतया तीन प्रकार के होते है:-
1:- broadcast channels
2:- common control channels
3:- dedicated control channels

1:- broadcast channels (BCH):-

broadcast channel केवल downlink information को carry करते है तथा इनका मुख्य कार्य synchronization तथा frequency को correct करना होता है.

broadcast channels तीन प्रकार के होते है:-

  1. broadcast control channel (BCCH)
  2. frequency correction channel (FCCH)
  3. synchronization channel (SCH)
  • broadcast control channel (BCCH):- BCCH का प्रयोग GSM नेटवर्क में base station के द्वारा नेटवर्क की indentity को भेजने के लिए किया जाता है. इस identity का प्रयोग mobile station (MS) के द्वारा नेटवर्क को access करने के लिए किया जाता है.
    इस identity में mobile network code (MNC), local area code (LAC), access parameters आदि सूचनाएं सम्मिलित होती है.
  • frequency correction channel (FCCH):– FCCH का प्रयोग mobile station (MS) की frequency  को correct करने के लिए तथा synchronization के लिए किया जाता है.
  • synchronizatio channel (SCH):- SCH मोबाइल स्टेशन (MS) को information प्रदान करता है. इस information की मदद से mobile station (MS) base station को search करता है.
    search करने के बाद उन्हें identify करता है तथा उनके साथ synchronise करता है.
    SCH केवल downlink में transmit होता है.

2:- common control channel (CCCH):-

CCCH, MS तथा BTS के मध्य uplink तथा downlink channels का समूह होता है. इन channels का प्रयोग सूचना को नेटवर्क से MS तक carry करने के लिए तथा नेटवर्क को access प्रदान करने के लिए किया जाता है.

CCCH में तीन channels होते है:-

  1. paging channel (PCH)
  2. access grant channel (AGCH)
  3. random access channel (RACH)
  • paging channel (PCH):- PCH, mobile station (MS) को incoming calls की सूचना देता है. अर्थात् जब भी कोई mobile phone को call करता है तो PCH मोबाइल फ़ोन को सूचना भेज के alert करता है.
  • random access channel (RACH):- यह reverse link channel है. इसका प्रयोग subscriber के द्वारा PCH को acknowledge करने के लिए किया जाता है. तथा RACH का प्रयोग mobiles के द्वारा call को organise करने के लिए किया जाता है.
  • access grant channel (AGCH):– AGCH का प्रयोग base station के द्वारा mobile phone को forward link communication प्रदान करने के लिए तथा data को किसी एक विशेष dedicated control channel के द्वारा carry करने के लिए किया जाता है.

3:- dedicated control channel (DCCH)

DCCH जो है वह roaming, handovers, encryption आदि के लिए responsible होता है.

इसमें निम्नलिखित channels होते है:-

  1.  stand-alone dedicated control channel (SDCCH)
  2. slow associated control channel (SACCH)
  3. fast associated control channel (FACCH)
  • stand-alone dedicated control channel (SDCCH):– SDCCH का प्रयोग call को setup करने के लिए किया जाता है.
  • slow associated control channel (SACCH):- SACCH का प्रयोग traffic channels से जुड़े हुए signals को control करने के लिए किया जाता है.
  • fast associated control channel (FACCH):- FACCH का प्रयोग control requirements जैसे:- handoff तथा handovers के लिए किया जाता है.

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