what is flip flops in hindi and flip flop types फ्लिप फ्लॉप क्या है?

Flip Flop in hindi (फ्लिप फ्लॉप क्या है?)

सरल शब्दों में कहें तो, “flip flop एक प्रकार का circuit होता है जिसकी दो states (0 या 1) होती है. तथा इसका प्रयोग state information को स्टोर करने के लिए किया जाता है.”

फ्लिप-फ्लॉप एक sequential logic circuit है। जो एक bit store करने के लिए सक्षम होता है। flip flop का output स्थिर (stable)  होता है। और यह सिर्फ दो value को ही carry करता है high voltage या low voltage जैसे :- एक output या तो 0 होगा या फिर 1 होगा।

Flip Flop एक बाइनरी स्टोरेज डिवाइस है. यह binary bit 0 या 1 स्टोर कर सकता है. यह एक computer का सबसे छोटा storage unit होता है जैसे :- यह एक single bit (0 या 1) store करता है। external inputs की संख्या flip flop के type के ऊपर निर्भर करती है।

फ्लिप फ्लॉप को stable multi-vibrator भी कहते है. इसे सर्वप्रथम William Eccels तथा F.W. Jordan ने 1918 में विकसित किया था.

सामन्यतया दो आउटपुट लाइन flip flops में उपलब्ध होते है जो एक दुसरे के विपरीत होते है।

ज्यादातर लोग flip flops और latch में confuse होते है ,flip flop और latch दोनों circuit होते है और दोनों ही information को store करने का काम करते है। Flip Flop और latch में एक अंतर यह होता है कि latch का input जब भी change करते है तो output भी change हो जाता है।

जबकि Flip Flop जो है वह latch और clock का combination होता है यह latch और clock से मिलकर बना होता है. यह clock output पर control operation रखता है इसलिए output नहीं change होता है और यह clock के ऊपर निर्भर करता है। Flip flop में clock का उपयोग इसलिए करते है ताकि जब input change करे तब flip flop की functionality या internal logic पर कोई फर्क ना पड़े।

Flip Flops के दो main application होते है register और counter memory.

Flip Flops में information को store करने का एक operation होता है जिसे triggering कहते है। operation को initiate करने के लिए triggering की requirement होती है। triggering दो प्रकार के होते है –

  1. Edge
  2. Level

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Types of Flip Flops in hindi

यहाँ चार प्रकार के Flip Flops दिए है –

  1. R S Flip Flop
  2. J K Flip Flop
  3. D Flip Flop
  4. T Flip Flop

1. R S Flip Flop

R S Flip Flops बेसिक या fundamental Flip Flops होते है क्योंकि सभी Flip Flops R S Flip Flop से ही generate (उत्पन्न) होते है. जहाँ R S Flip Flop में दो external inputs R (reset) और S (set) होते है। जब R active ( R=1) होता है तो output reset Q=0 होता है और जब S active ( S=1 ) होता है तो output set Q=1 होता है।

R S Flip Flops को Bistable multivibrator भी कहते है। एक R S Flip Flop बनाने के लिए दो NAND या NOR gate का use करते है।

यहाँ हमने दो NOR GATE का उपयोग करके flip flop बनाया है-

RS FLIP FLOP IN HINDI

2. JK Flip Flop

JK Flip Flops, RS Flip Flop की एक कमी को पूरा करता है। RS Flip Flop का मुख्य disadvantage यह है कि इसमें जब clock trigerred होती है तो दोनों inputs high नहीं होने चाहिए. अर्थात् हम RS Flip Flop में input का एक set (1,1) use नहीं कर सकते है। पर JK Flip Flop में हम यह input के set (1,1) को use कर सकते है।

इस फ्लिप फ्लॉप का नाम Jack Bilby के नाम पर पड़ा. jack bilby ने IC की खोज की थी.

JK FLIP FLOP IN HINDI

3. D Flip Flop 

D Flip Flop का प्रयोग delay create करने के लिए करते है यदि किसी circuit के अंदर delay की जरूरत पड़ती है तो।
D Flip Flop में जैसा input देते है वैसा ही output प्राप्त होता है जैसे:- यदि 1 input दिए तो output भी 1 आएगा या 0 input दिए तो output भी 0 आएगा। D Flip Flop को delayed Flip Flop भी कहा जाता है। यह single input Flip Flop होता है। इसमें कोई race condition भी नहीं होती है।

D FLIP FLOP IN HINDI

4. T Flip Flop

T Flip Flop एक single input Flip Flop होता है। यह JK Flip Flop का एक simpler version होता है। T Flip Flop को toggle Flip Flop भी कहते है। T Flip Flop का व्यापक रूप से counters में use किया जाता है , यह एक sequential circuit है जो प्रत्येक clock pulse के बाद state change करती है।

T FLIP FLOP IN HINDI

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