DECT क्या है? हिंदी में

आज हम इस पोस्ट में आपको बताएँगे कि what is DECT in hindi (DECT क्या है?) तथा इसका प्रयोग कहाँ किया जाता है एवं इसके features तथा layers के बारें में पढेंगे तो चलिए शुरू करते है:-

DECT in hindi

DECT का पूरा नाम digital enhanced cordless telecommunications (डिजिटल एनहांस्ड कॉर्डलेस टेलीकम्यूनिकेशन) है. यह एक डिजिटल wireless technology है जिसका प्रयोग cordless telephone बनाने के लिए किया जाता है.

इसे पहले digital European cordless telecommunications कहा जाता था क्योंकि इसकी खोज यूरोप में हुई थी. परन्तु आजकल इसका प्रयोग पूरे संसार में किया जाता है.

DECT के सबसे पहले phase को 1988 से 1992 के मध्य विकसित किया गया था. इसने पहले के cordless standards को replace किया. इससे पहले 900 MHz CT1 तथा CT2 standards का प्रयोग होता था.

DECT जो है वह time division multiple access (TDMA) का प्रयोग phone में radio सिग्नलों को transmit करने के लिए करता है.

इसका उपयोग मुख्य रूप से home तथा छोटे offices में किया जाता है क्योंकि इसकी range कम होती है (अर्थात् छोटे areas में इसका use होता है.)

अगर आपने इसका प्रयोग कसी बड़े business के लिए करना है तो इसके लिए कई PBX (private branch exchange) systems उपलब्ध होते है.

DECT 6.0 को U.S. तथा CANADA में प्रयोग के लिए बनाया गया था. DECT6.0 एक स्टैण्डर्ड है.

Features of DECT in hindi

इसके features निम्नलिखित है.

1:- इसमें हम बहुत सारें handsets का प्रयोग कर सकते हैं. और इसमें केवल एक base station होता है तथा एक phone line socket होता है.

2:- इससे एक telephone jack के द्वारा घर के चारों ओर कई cordless telephones लगा सकते है.

3:- घर के बाहर में 100 meters तक interference free (बिना किसी बाधा के) wireless कम्युनिकेशन कर सकते है.
घर में दीवार होने के कारण कुछ interference free वायरलेस कम्युनिकेशन कर सकते है.

4:- इसमें हमने एक बार battery को charge कर लिया तो कई घंटों तक बात कर सकते है तथा यह कई दिनों का standby time देता है.

5:- इसमें security अच्छी होती है यह DECT standard cipher (DSC) के साथ encryption services भी प्रदान करता है.

DECT layers

dect
इमेज सोर्स

DECT की physical layer निम्न चीजों का use करती है-

  • FDMA (frequency division multiple access)
  • TDMA (time division multiple access)
  • TDD (time division duplex)

इसमें media access control (MAC) layer जो है वह physical layer को नियंत्रित (control) करती है.
और यह higher layers को connection oriented, connection-less तथा broadcast services प्रदान करती है.

इसकी data link layer, LAPC (link access protocol control) का प्रयोग करती है.

इसकी network layer में निम्न entities होती है:-

  • call control (CC)
  • mobility management (MM)

applications of DECT in hindi

इसके अनुप्रयोग निम्नलिखित है:-

1:- domestic (घरेलु) cordless telephony में-
एक base station से एक या अधिक handsets को public telecom नेटवर्क से connect कर सकते है.

2:- cordless PABXs तथा wireless LANs बनाने के लिए –

  • इसमें coverage के लिए कई base stations का प्रयोग करते है.
  • जैसे ही users दूसरे coverage cells में move करते है वो कॉल, handover के द्वारा continue रहती है.

3:- public access के लिए-
इसमें बहुत अधिक मात्रा में base stations होते है. जो कि public telecom network के part के रूप में high capacity coverage देते है.

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