RARP क्या है हिंदी में?

क्या आपको पता है कि what is RARP in hindi एवं ARP और इसके बीच क्या अंतर है तथा इसका प्रयोग क्यों किया जाता था और इसकी working क्या है? अगर आप इसके बारें जानना चाहते है तो आप ठीक जगह पर आये है. मैं आपको इसके बारें में पूरे विस्तार से बताऊंगा, आप इसे पूरा पढ़िए आपको यह आसानी से समझ में आ जायेगा.

what is RARP in hindi

RARP का पूरा नाम reverse address resolution protocol (रिवर्स एड्रेस रेसोलुशन प्रोटोकॉल) है. यह एक computer networking प्रोटोकॉल है जिसका प्रयोग client computer के द्वारा किया जाता है. client computer इसका प्रयोग computer network से खुद के internet protocol (IPv4) की जानकारी को प्राप्त करने के लिए करता है.

आसान शब्दों में कहें तो, “यह एक TCP/IP प्रोटोकॉल है जिसके द्वारा कंप्यूटर, server से IP address की जानकारी ले सकता है.”

इसे internet engineering task force (IETF) के RFC 903 में describe किया गया है.

R.ARP जो है वह ARP से बना हुआ होता है और यह ARP का reverse (उल्टा) होता है.

यह server से अपने IP address की जानकारी लेने के लिए निम्नलिखित steps follow करता है:-

rarp
आप इस चित्र को देखकर इसकी कार्यविधि को आसानी से समझ सकते है.

1:– सबसे पहले client, नेटवर्क में जितने भी host होते है उन सभी को RARP request ब्रॉडकास्ट करता है.

2:- इस RARP request packet में client का physical address स्टोर होता है. (physical address मतलब MAC address)

3:- सभी host इस R.ARP request को recieve करते है परन्तु जो authorized host होता है केवल वह RAPR service को पूरा करता है. इस authorized host को RARP server कहते है.

4:- अंत में यह सर्वर, client को RARP response packet भेजता है जिसमें उसका IP address स्टोर रहता है.

आजकल reverse ARP का प्रयोग नहीं किया जाता है इसे BOOTP (bootstrap protocol) ने replace किया था और अब BOOTP को DHCP (dynamic host configuration protocol) ने replace कर दिया है.

difference between ARP and RARP in hindi

इनके मध्य अंतर को नीचे दिया गया है:-

ARP R.ARP
इसका पूरा नाम address resolution protocol है. इसका फुल फॉर्म reverse address resolution protocol है.
यह 32 bit logical address को 48 bit physical address में map करता है.  48 बिट physical एड्रेस को 32 बिट logical (IP) एड्रेस में map करता है.
यह reciever के physical एड्रेस को retrieve करता है. यह server से computer के लिए logical एड्रेस को retrieve करता है.

disadvantage of RARP in hindi

इसे दो मुख्य problems की वजह से अब use नही किया जाता है.

1:- यह data link layer की broadcast service का प्रयोग करता है जिसका मतलब यह है कि इसे प्रत्येक network में present रहना जरुरी होता है.

2:- यह केवल IP address प्रदान करता है जबकि आजकल कंप्यूटरों को अन्य information की भी आवश्यकता होती है जैसे- subnet mask, host name आदि.

निवेदन:- दोस्तों उम्मीद करता हूँ कि आपको यह topic अच्छा लगा होगा. अगर आपको यह पसंद आया हो तो इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ अवश्य share करें. और आपके जो भी question है उसे comment करके पूछिए. हिंदी को आगे बढाइये. धन्यवाद.

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