Cathode Ray Oscilloscope in Hindi – कैथोड रे ऑसिलोस्कोप क्या है?

hello दोस्तों! आज मैं आपको इस आर्टिकल में Cathode Ray Oscilloscope in Hindi (कैथोड रे ऑसिलोस्कोप क्या है?) के बारें में बताऊंगा और हम इसके अनुप्रयोगों को भी जानेंगे तो चलिए शुरू करते हैं:-

Cathode Ray Oscilloscope in Hindi

Cathode Ray Oscilloscope एक प्रकार का विद्युत उपकरण है जिसका उपयोग voltage signals का सही समय (time) और उपयुक्त माप (measurements) प्राप्त करने के लिए लिए किया जाता है.

दूसरे शब्दों में कहें तो, “कैथोड रे ओसिलोस्कोप एक उपकरण है जिसका उपयोग आम तौर पर विद्युत सर्किट के विभिन्न तरंगों को प्रदर्शित करने, मापने और विश्लेषण करने के लिए प्रयोगशाला में किया जाता है।“

CRO समय के साथ परिवर्तित होने वाले इलेक्ट्रिकल सिग्नलों का visual display उपलब्ध करता है. CRO एक बहुत ही तेज X-Y plotter है जिसमें कैथोड किरणें एक पेंसिल का कार्य करती है और CRO की screen पर किसी fluorescent पदार्थ की कोटिंग, शीट का कार्य करती है जिस पर plot या graph बनते है. कैथोड किरणें जब fluorescent screen से टकराती है तब screen पर एक चमकदार बिंदु उत्पन्न होता है.

एक सामान्य CRO में horizontal input प्रयुक्त की जाती है जो एक ramp voltage होती है. इसे time base या saw tooth voltage भी कहते है. यह वोल्टेज bright spot को screen पर horizontal दिशा में चलाती है. CRO को एक vertical input voltage दी जाती है. यह वह वोल्टेज होती है जिसको हमें screen पर देखते है या जिसको analyze करना होता है.

इस पर बहुत छोटी frequency (आवृत्ति) से लेकर बहुत ही ऊँची frequency तक के सिग्नलों की तरंगों के आकार देखे जा सकते है. CRO में समस्त graph एक tube के screen पर उत्पन्न होते हैं जिसे cathode ray tube (CRT) कहते हैं.

CRO का ब्लॉक डायग्राम

इसके मुख्य parts निम्नलिखित हैं:-

  1. Cathode ray tube
  2. Vertical amplifier
  3. Time base generator
  4. Horizontal amplifier
  5. Power supply
cathode ray oscilloscope in Hindi
image

Cathode Ray Tube

CRT जो है वह Cathode Ray Oscilloscope के दिल की तरह होता है. इसका चित्र नीचे दिया गया है.

crt in hindi
CRT के निम्नलिखित तीन मुख्य भाग होते हैं, जो कि निम्नलिखित हैं:-
  • Electron gun
  • Deflecting system
  • Fluorescent screen

electron gun, इलेक्ट्रान की एक तेज और फोकस की हुई बीम (beam) उत्पन्न करती है. बीम (beam) जब high velocity और energy से फ्लौरीसेंट स्क्रीन से टकराती है तब screen पर एक प्रकाशमान बिंदु (luminous spot) उत्पन्न होता है.

electron gun से निकलने के बाद बीम, electrostatic deflection plates के दो जोड़ों के बीच से गुजरती है. इन plates में voltage को apply करने पर बीम का deflection होता है. एक प्लेट पर apply की गयी वोल्टेज beam को horizontal दिशा में और दूसरे प्लेट पर apply की गयी वोल्टेज beam को vertical दिशा में deflect करती है. बीम की ये दोनों गतियाँ एक दूसरे पर निर्भर करती है इसलिए बीम को screen के किसी भी भाग में स्थिर किया जा सकता है.

CRO के uses

इसके प्रयोग निम्नलिखित है.

  • यह बहुत प्रकार के wave-forms को display कर सकता है.
  • यह short time interval को माप सकता है.
  • voltmeter में, यह potential difference को माप सकता है.

नोट:- यदि आपके पास किसी subjects से सम्बन्धित कोई सवाल हो तो आप उसे नीचे कमेंट के माध्यम से बता सकते हैं, और आपके यह पोस्ट अच्छा लगा हो तो इसे अपने friends और classmates के साथ अवश्य share कीजिये. thanks.

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