Addressing in Hindi | एड्रेसिंग क्या है? – Computer Networks

Hello दोस्तों! आज हम इस post में What is Addressing in Hindi (एड्रेसिंग क्या है?) के बारें में पढेंगे और इसके types को भी देखेंगे. इसे आप पूरा पढ़िए, यह आपको आसानी से समझ में आ जायेगा. तो चलिए शुरू करते हैं:-

Addressing in Hindi

  • Computer network में, Addressing एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें hosts को एड्रेस assign किये जाते है.

  • Addressing को network layer के द्वारा perform किया जाता है. यह नेटवर्क लेयर का सबसे महत्वपूर्ण कार्य है.

  • इसमें unique address के माध्यम से hosts को यूनिक तरीके से identify किया जाता है.

Addressing दो प्रकार की होती है:-

  1. Hardware Addressing
  2. Logical Addressing

Hardware addressing का इस्तेमाल host को local area में identify करने के लिए किया जाता है और logical addressing का प्रयोग host को network level पर identify करने के लिए किया जाता है। इन दोनों तरह की addressing के बारे में निचे detail से बताया जा रहा है।

Hardware Addressing in Hindi

एक hardware address की मदद से local area network में hosts को unique तरीके से identify किया जाता है। यदि आप OSI model के अनुसार देखे तो layer 2 (Data link layer) पर hardware addressing का use किया जाता हैI

Hardware address को MAC (Media Access Control) address भी कहते हैं. MAC address को network interface cards (NIC) पर hard-code किया जाता है।

MAC address की size 48 bits होती है। एक MAC address को hexadecimal के रूप में represent (प्रस्तुत) किया जाता है। इसका उदाहरण नीचे दिया जा रहा है।

Example – 06:5e:39:ad:dd:2c

MAC address की पहली 6 digits से NIC (Network Interface Card) के manufacturer (निर्माता) को identify किया जाता है। इन शुरुआती 6 bits को OUI (Organizational Unique Identifier) भी कहते है। बाकी की 6 digits का इस्तेमाल host को network में uniquely identify करने के लिए किया जाता है। इन last 6 digits को host id कहते है।

Mac address in Hindi - addressing

MAC address के अंदर एक कमी होती है इससे से आप network को नहीं identify कर सकते है। यदि आपको ये identify करना है की host किस network में है तो उसके लिए आप उसका IP address देखेंगे। IP addresses को logical addressing में explain किया गया है।

Logical Addressing in Hindi

OSI model के अनुसार देखे तो network layer में logical addressing का इस्तेमाल किया जाता है। Logical address के माध्यम से आप किसी host को पुरे network में uniquely identify करते है।

Logical addresses एक network को दूसरे network से separate (अलग) भी करते है। Logical addresses कभी भी fix नहीं होते है इन्हे change भी किया जा सकता है। Logical address को IP address कहते है।

IP address की size 32 bit होती है। एक IP address दो parts में divided (विभाजित) होता है। पहला part होता है network ID जिससे ये identify किया जाता है कि host का network क्या है। दूसरा part होता है host ID जिससे host को uniquely identify किया जाता है।

Logical addressing के लिए Internet Protocol (IP) जिम्मेदार होता है। Internet protocol दो कार्यों को perform करता है। पहला logical addressing और दूसरा routing| Routing के माध्यम से एक packet को सही network में forward किया जाता है।

Internet protocol दो तरह की addressing प्रदान करता है। एक IPV4 addressing और दूसरी IPV6 addressing होती है।

IPv4 addressing में 32 bit address को assign किया जाता है. इस तरह के IP address में 8 bits के चार octet होते हैं.

उदाहरण – 192.10.2.1

ip address in Hindi - addressing (1)

Class of IP Address in Hindi

IPV4 addresses को चार class में divide किया गया है। IP address किस class का है यह आप IP address के पहले octet की range देख कर बता सकते है। आइये इन classes के बारे में detail में जानते है।

Class of IP Address in Hindi

Class A

Class A की network range 1 से 127 तक होती है और इस class का डिफ़ॉल्ट subnet mask 255.0.0.0 होता है। इसका मतलब ये हुआ की इस class के IP addresses में केवल पहला octet ही network को प्रस्तुत करता है और बाकी के 3 octets hosts को प्रस्तुत करते है। इस क्लास में 127 network होते है और प्रत्येक network में 16777214 hosts होते है।

Class B

Class B की network range 128 से 191 तक होती है। इस class के IP addresses का subnet mask 255.255.0.0 होता है। इस class के IP addresses में पहले 2 octet नेटवर्क को represent करते है और आखिरी 2 octet hosts को define करते है। इस क्लास में 16384 networks होते है और 65534 hosts प्रत्येक network में होते है।

Class C

Class C की network range 192 से 223 तक होती है। इस class के IP addresses का subnet mask 255.255.255.0 होता है। इस class के IP addresses में पहले 3 octet नेटवर्क को represent करते है और आखिरी का एक octet hosts को represent करता है। इस class में 2097152 network होते है और 254 hosts हर network में होते है।

Class D

Class D के नेटवर्क multicast के लिए reserved (आरक्षित) होते हैं. इस class के addresses का कोई subnet mask नहीं होता है.

Subnet Mask in Hindi – सबनेट मास्क क्या है?

जैसा कि मैंने आपको पहले बताया कि IP address का एक part (भाग) तो Network के बारें में बताता है और दूसरा भाग host के बारें में बताता है।

Subnet mask यही बताने के लिए होता है कि पुरे IP address का कौन-सा part network को represent (प्रस्तुत) करता है और कौन-सा host को represent करता है।

हर IP address के साथ उसका subnet mask जुड़ा होता है। जिसे देख कर बताया जा सकता है कि IP address किस network और किस host का है।

Subnet mask के बारे में पढ़ने से पहले आप decimal to binary और binary to decimal conversion जरूर सिख ले।

उदाहरण

subnet mask in Hindi

ऊपर दिए हुए example को देखिये IP address के साथ subnet mask दिया गया है। Subnet mask में 255 का मतलब होता है network octet और 0 का मतलब होता है host octet| इस example में 192.10 तो network का part है जो network को represent करता है और 2.1 host का part है जो host को represent करता है।

यदि आप binary form देखेंगे तो network part को 1 से represent किया जाता है और host part को 0 से represent किया जाता है।

References:- https://www.javatpoint.com/network-addressing

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