आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस क्या है और इसके प्रकार

हेल्लो दोस्तों! आज हम इस पोस्ट में Artificial Intelligence in Hindi (आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस क्या है?) के बारें में पढेंगे और इसके Types को भी देखेंगे. इसे आप पूरा पढ़िए, आपको यह आसानी से समझ में आ जायेगा. तो चलिए शुरू करते हैं:- 

Artificial Intelligence in Hindi – आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस क्या है?

  • Artificial Intelligence (AI) एक टेक्नोलॉजी है जिसके द्वारा intelligent (बुद्धिमान) मशीनों को बनाया जाता है जो कि इंसानों की तरह सोचते है।

  • दूसरे शब्दों में कहें तो, “Artificial intelligence एक विधि (method) है जिसका इस्तेमाल करने पर एक कंप्यूटर, रोबोट और मशीन इंसान की तरह सोचने लगता है।”

  • Artificial intelligence दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है पहला artificial और दूसरा intelligence. इसमें artificial का मतलब होता है “इंसानों के द्वारा बनाया हुआ” और intelligence का अर्थ होता है “सोचने की शक्ति”।
    इसलिए इसका पूरा मलतब हुआ “इंसान के द्वारा बनाई हुई सोचने की शक्ति“।

  • आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस को machine intelligence भी कहते हैं। इसमें मशीन के अंदर इंसान की तरह सोचने और कार्य करने की क्षमता को पैदा किया जाता है जैसे कि- इंसानो की तरह बात करना , याद रखना, सीखना, निर्णय लेना और किसी problem को solve करना आदि।

  • आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) कंप्यूटर साइंस की उभरती हुई टेक्नोलॉजी है जिसका मुख्य उदेश्य दुनिया भर में Intelligent मशीनो को बनाना है। ताकि मनुष्य के जीवन को और भी ज्यादा आसान बनाया जा सके।

  • Artificial intelligence को हिंदी में “कृत्रिम बुद्धिमत्ता” कहते हैं.

Types of Artificial Intelligence in Hindi – आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के प्रकार

इसके बहुत सारें प्रकार होते हैं जो कि निम्नलिखित हैं-

  1. Reactive Machines
  2. Limited Memory
  3. Theory of Mind
  4. Self-Awareness
  5. Weak या Narrow AI
  6. Artificial General Intelligence (AGI)
  7. Artificial Super Intelligence (ASI)
types of artificial intelligence in Hindi

Reactive Machines

  • Reactive machine आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस का सबसे सरल प्रकार है।  यह मशीन बेसिक कार्यों को पूरा करती है।

  • यह यूजर की जरूरतों के मुताबिक react करती है। इसलिए इसे reactive machine कहते है।

  • Reactive machine किसी भी data और memory को स्टोर करके नहीं रखती।

  • Reactive machine केवल वर्तमान समय के कार्यों पर focus करती है।

  • चूंकि रिएक्टिव मशीन data और memory को स्टोर करके नहीं रख सकती इसलिए इसका इस्तेमाल future (भविष्य) के कामों के लिए नही किया जा सकता है।

  • Reactive machines का सबसे अच्छा उदहारण Google का AlphaGo है।

Limited Memory

  • Limited memory एक प्रकार का AI है जो पुराने data को कुछ समय के लिए ही store करके रख सकता है।

  • यह पुराने डाटा की मदद से भविष्य को predict करने की क्षमता रखती है।

  • Limited memory की मदद से फ्यूचर को predict किया तो जा सकता है लेकिन यह predication पूरी तरह से सही नहीं भी हो सकता। क्योकि यह predication पुराने डाटा के आधार पर किया जाता है।

  • Limited memory का उपयोग खुद से चलने वाली car में किया जाता है। यह कार अपनी आस पास की cars की speed, उनके बीच की दूरी और दूसरी information को स्टोर करके रख सकती है।

  • इसका सबसे बेहतर उदाहरण tesla कार है।

Theory of Mind

  • “theory of mind” एक प्रकार का AI है जो इंसान के स्वभाव को समझ सकता है और इंसानों की तरह बात बात भी कर सकता है।

  •  सरल भाषा में समझें तो  “theory of mind इंसानों के विचारों (thoughts) को समझकर उनसे से बाते कर सकता है। जिस प्रकार दो मनुष्य आपस में बाते करते है ठीक उसी प्रकार theory of mind में भी कंप्यूटर और इंसान आपस में बाते कर सकते है। लेकिन theory of mind तकनीक अभी पूरी तरह से develop नहीं हुई है। इस तकनीक पर अभी रिसर्च जारी है।

Self-Awareness AI

  • Self-awareness AI आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस का भविष्य है। यह AI बहुत ही ज्यादा intelligent होगा और इनका खुद का emotion (भावनाएं), चेतना और दिमाग होगा।

  • इस AI का दिमाग इंसान से भी तेज होगा।

  • आने वाले समय में self-awareness की वजह से डिजिटल कंप्यूटर या रोबोट इंसानो से भी ज्यादा intelligent और smart हो जायँगे और उस समय की मशीने self-aware होंगी और सही गलत फैसलों का निर्णय स्वयं लेने में सक्षम होगी। हलाकि इस समय self-awareness AI उपलब्ध नहीं है। यह आने वाले समय की एक कल्पना है।

Weak या Narrow AI

  • Weak या narrow AI को Artificial Narrow Intelligence (ANI) भी कहा जाता है।

  • यह AI किसी विशेष काम को ही पूरा कर सकता है और अपनी क्षमता के बाहर किसी दूसरे काम को नही कर सकता इसलिए इसे Weak AI कहते हैं।

  • Weak AI इंसानों की तरह behave (व्यवहार) नहीं कर सकती। लेकिन parameters और contexts के आधार पर इंसानो के व्यवहार को समझ सकती है। और इंसानो से बाते भी कर सकती है।

  • Weak AI अपने काम को पूरा करने के लिए natural भाषा (NLP) का इस्तेमाल करती है।

  • इसके अलावा Weak AI में data को स्टोर करने की क्षमता नहीं होती है।

  • IBM का Watson supercomputer इसका एक example है।

Artificial General Intelligence (AGI)

  • Artificial general intelligence (AGI) को मजबूत (strong) AI भी कहा जाता है।

  • AGI एक general intelligence की तकनीक है जो किसी समस्या को अपने तरीके से सुलझाने की क्षमता रखती है।

  • AGI एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जो कि इंसानो के व्यवहार को समझ सकती है और इंसानो की तरह behave भी कर सकती है।

  • AGI इंसानो की तरह किसी भी काम को बड़ी आसानी से पूरा कर सकती है। यानी कह सकते है की जो काम एक इंसान कर सकता है। उसी काम को AGI टेक्नोलॉजी भी कर सकती है।

  • हालांकि AGI को अभी तक पूरी तरह से develop नहीं किया गया है। लेकिन AGI तकनीक पर रिसर्च जारी है।

Artificial Super Intelligence (ASI)

  • ASI एक ऐसा आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस है जिसमें मशीन इंसानों से भी ज्यादा बुद्धिमान होंगी और वो इंसान की तुलना में किसी काम को आसानी से और तेजी से कर सकेंगी।

  • ASI के पास बहुत सारीं क्षमताएं होंगी जैसे कि – सोचना, puzzle को solve करना, learn करना, plan करना और खुद से बातें करना आदि।

  • ASI एक काल्पनिक AI है जो वर्तमान समय पर उपलब्ध नहीं है। लेकिन आने वाले समय में ASI तकनीक देखने को मिल सकती है।

  • ASI टेक्नोलॉजी के डिवाइस इंसानो से भी ज्यादा advance और modern होंगे। ASI की इस तकनीक में डिवाइस self-aware हो जायेंगे। जो सही और गलत का फैसला खुद से लेने में सक्षम होंगे।

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Applications of Artificial Intelligence in Hindi – आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के अनुप्रयोग

AI का प्रयोग बहुत क्षेत्रों में किया जाता है जो कि नीचे दिए गए हैं-

1 – E-commerce के क्षेत्र में

AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल e-commerce यानि online shopping के लिए किया जाता है। इसका इस्तेमाल AMAZON कंपनी करती है। जिससे कस्टमर को product का साइज, color और brand पता चलता है।

 इसकी मदद से apps और website में chatbot का निर्माण किया जाता है। Chatbot सीधे कस्टमर से बात कर सकता है। इसके लिए हमें किसी मनुष्य की आवश्यकता नही पड़ती।

2. Education (शिक्षा) के क्षेत्र में

AI तकनीक का इस्तेमाल शिक्षा के क्षेत्र में भी किया जाता है ताकि बेहतर से बेहतर शिक्षा लोगो तक पहुंच सके।

इसके द्वारा टीचर आसानी से किसी भी बच्चे को कंप्यूटर में animation और graphics दिखाकर पढ़ा सकते हैं। AI के द्वारा Student को mark देना भी आसान हो जाता है जिससे टीचर का time बचता है।

AI तकनीक productivity और digital education को बढ़ावा देता है। जिसके मकसद शिक्षा को और आसान बनाना है।

3 – Easy Lifestyle (आराम दायक जीवन)

Artificial इंटेलिजेंस का इस्तेमाल lifestyle को और भी ज्यादा advance और modern बनाने के लिए किया जाता है। ताकि इंसान का जीवन और भी ज्यादा आसान बनाया जा सके। जिसके कारण इंसान अपने काम को smart तरीके कर पाए।

इसकी मदद से हम आजकल हम अपने face से phone को unlock कर सकते हैं और हमारे घरों में smart devices होती है जिनमें AI का प्रयोग किया होता है।

4Human Resources (मानवीय संसाधन) के क्षेत्र में

इस का इस्तेमाल human resources को कम करने के लिए भी किया जाता है। ताकि प्रोडक्ट का production ज्यादा मात्रा में किया जा सके।  क्योकि मनुष्य 24 घंटे किसी काम को नहीं कर सकता। लेकिन AI के डिजिटल device या machine 24 घंटे काम करने की क्षमता रखती है।

5Medical (स्वास्थ्य) के क्षेत्र में

इस का इस्तेमाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी किया जाता है। AI devices का इस्तेमाल आज के समय में छोटे बड़े hospital में किया जाता है।

इसका इस्तेमाल करके मरीज की बीमारी का पता लगाया जाता है और  बीमारी को ठीक किया जाता है।

6Agriculture (कृषि) के क्षेत्र में

इसका प्रयोग खेत में फसलों और मिट्टी की quality को check करने के लिए किया जाता है।

AI तकनीक की मदद से soil (मिट्टी) की कमियों को पहचाना जा सकता है। और उस मिट्टी में सुधार किया जा सकता है। ताकि अच्छी फसल तैयार की जा सके।

7Marketing के क्षेत्र में

आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल marketing करने के लिए भी किया जाता है। क्योकि AI की मदद से data को analyze किया जा सकता है। जिसके कारण कंपनी को यह पता चल जाता है की किस समय कोनसे product की demand बढ़ने या घटने वाली है।

8Astronomy (खगोल विज्ञान) के क्षेत्र में

इसकी मदद से अंतरिक्ष की कठिन problems को आसानी से solve किया जा सकता है। इसकी सहायता से हम यह जान सकते है कि अंतरिक्ष कैसे काम करता है और इसकी उत्पत्ति कैसे हुई है।

9Gaming (खेल) के क्षेत्र में

Gaming में AI का इस्तेमाल आजकल बहुत बढ़ गया है। जैसे कि Chess और puzzle के game में इसका इस्तेमाल किया जाता है। चूंकि AI के पास सोचने की क्षमता होती है इसलिए इसका इस्तेमाल दिमाग वाले खेलों में किया जाता है।

10Banking (बैंक) के क्षेत्र में

बैंकिंग में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कस्टमर के account की जानकारी देने और उनके transaction की जानकारी देने के लिए किया जाता है। इसके लिए इसमें chatbots का प्रयोग किया जाता है।

11 Data security के लिए

किसी भी व्यक्ति और कंपनी के लिए उसका data बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। इसलिए इसको secure (सुरक्षित) रखना भी जरूरी होता है ताकि hacker से डेटा को बचाया जा सके। आजकल बड़ी कंपनी में Data को secure रखने के लिए AI का इस्तेमाल किया जाता है।

12. Entertainment (मनोरंजन) के क्षेत्र में

मनोरंजन के क्षेत्र में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जाता है। NETFLIX और AMAZON में इसका इस्तेमाल किया जाता है। जिससे हमें सिर्फ वो ही प्रोग्राम दिखते है जिन्हें हम देखना पसंद करते हैं।

Advantages of Artificial Intelligence in Hindi – आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के फायदे

इसके फायदे नीचे दिए गए हैं-

1Increase Efficiency (कार्य करने की क्षमता बढ़ाने के लिए) –

Artificial intelligence इंसानो की काम करने की क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। ताकि इंसान छोटे बड़े कार्य को आसानी से पूरा कर सके।

इसके अलावा यह किसी काम को तेजी से पूरा करने में मदद करता है। यानी कार्य को पूरा होने में ज्यादा समय का वक़्त नहीं लगता। AI के काम करने की छमता काफी ज्यादा है।

2Improved Workflows (वर्कफ़्लो को बेहतर करना) –

Workflow का मतलब यह होता है कि काम करने के तरीके को improve करना या उसमे और सुधार लाना। AI ने इंसानो के काम करने के तरीके को advance और modern कर दिया है। ताकि काम को आसानी से पूरा किया जा सके।

इसकीकी natural लैंग्वेज (NLP) ने study , entertainment और media को बहुत ही ज्यादा आसान बना दिया है। जिसके कारण इंसानो का  जीवन और भी ज्यादा आसान हो गया है।

इसके अलावा AI ने बिज़नेस करने के तरीके को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। यानी अब व्यापार करना और भी ज्यादा आसान हो गया है।

3 Lower Human Error Rates (गलतियां होने में कमी)

आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस ने काम में होने वाली गलतियों को काफी  कम कर दिया है। कोई मशीन इंसान की तुलना में बहुत कम ग़लती करती है।

यानी अब इंसानो के द्वारा किये गये काम में बहुत कम गलतियां पाई जाती है। उसकी सबसे बड़ी वजह यह है की AI ने काम को करने के तरीके को और भी ज्यादा आसान बना दिया है। जिसके कारण काम में गलतियां नहीं होती।

4Deeper Data Analysis (डेटा की गहराई से जांच करना)

Artificial intelligence डाटा को गहराई से analyze करने में मदद करता है। जिसके कारण हमें सबसे सटीक information (सूचना) प्राप्त होती है।

इसका इस्तेमाल ज्यादातर बिज़नेस की field में data को analysis करने के लिए किया जाता है। ताकि बिज़नेस को grow किया जा सके। क्योकि अगर कंपनी के पास सटीक data होगा तो कंपनी  आसानी से competition को beat कर पायेगा। इसलिए AI बिज़नेस के लिए अनिवार्य हो जाता है।

5 24 / 7 support

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इस टेक्नोलॉजी की मशीन 24/7 काम करने की क्षमता रखती है। अगर इंसानो की बात करे तो इंसान को कुछ समय के बाद rest (आराम) करने की ज़रूरत पड़ती है। लेकिन AI के devices 24 घंटे काम कर सकते हैं।

इसका सबसे अच्छा उदहारण chat box है। आप किसी भी समय chat box से बात कर सकते है। और अपनी सवालों का जवाब पूछ सकते है।

6Perform Repetitive jobs (काम को बारबार करना)

हम इंसानो के कई काम ऐसे होते हैं जो हमें रोज करने पड़ते है जैसे कि – email का reply देना, किसी को बर्थडे wish करना आदि। AI का इस्तेमाल करके हम इन कामों को Automate कर सकते हैं।

7 Faster decision (तेज निर्णय)

मनुष्य को कोई भी निर्णय लेने में काफी ज्यादा वक्त लगता है। परंतु AI machine निर्णय को बहुत तेजी से लेती है जिससे हम अपने काम को कम समय में पूरा कर सकते हैं।

8 – यह सूचना को इंसान की तुलना में ज्यादा अच्छे तरीक़े से handle करता है।

Disadvantages of Artificial Intelligence in Hindi – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नुकसान

इसके नुकसान निम्नलिखित हैं-

1. High Costs (ऊंची कीमत)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के devices को बनाने में काफी ज्यादा पैसे खर्च किये जाते है। क्योंकि इन devices को बनाने के लिए बहुत ही आधुनिक सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर का इस्तेमाल किया जाता है। इसीलिए AI के डिवाइस काफी ज्यादा expensive (महंगे) होते है।

इन devices को maintain करने में भी बहुत ज्यादा खर्चा लगता है।

2. No creativity (कोई रचनात्मकता नहीं)

AI टेक्नोलॉजी का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि यह इंसानो की तरह सोच नहीं सकती। यानी AI इंसानो की तरह behave तो कर सकती है लेकिन इंसानो की तरह सोच नहीं सकती।

इंसानो के पास काफी ज्यादा creativity (रचनात्मकता) होती है। लेकिन AI के पास बिलकुल भी creativity नहीं होती। जिसके कारण AI उतना ही काम करती है। जितना उसको command (आदेश) दिया जाता है।

3. Increase in Unemployment (बेरोजगारी में वृद्धि)

इस टेक्नोलॉजी ने बेरोजगारी को काफी ज्यादा बड़ा दिया है। क्योकि इस टेक्नोलॉजी में सभी कार्य automatic मशीनो के द्वारा किये जाते है। जिसके कारण labor work की ज़रूरत नहीं पड़ती।

आजकल robots ने इंसानों की जगह काम करना शुरू कर दिया है और आने वाले समय में इन robots के कारण बेरोजगारी में और वृद्धि होने वाली है।

4. Make Humans Lazy (इंसानों को आलसी बना दिया है)

आजकल मनुष्य का काम मशीन करने लग गयी हैं। छोटे से छोटा काम मशीनें कर रही हैं। जिसके कारण human काफी ज्यादा lazy हो गया है।

AI के कारण इंसानो को ज्यादा काम करने की ज़रूरत नहीं पड़ती। इसीलिए दिन प्रति दिन इंसान आलसी होता जा रहा है।

5. Emotionless (भावहीन)

इंसान की तरह मशीन में कोई emotion नही होते। ये मनुष्य की तरह काम तो करते हैं परंतु उनकी तरह उनके अंदर कोई भाव (emotion) नही होता।

6. Artificial intelligence खुद में कोई improvement नही कर सकती। ये सिर्फ उतना ही काम करती है जितना इसको program किया गया होता है।

AI का उपयोग कौन कर सकता है?

इसका उपयोग data scientists के द्वारा विभिन्न क्षेत्रों के विकास के लिए किया जाता है.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को हिंदी में क्या कहते हैं?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को हिन्दी में ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता‘ कहा जाता है।

Reference:- https://www.javatpoint.com/artificial-intelligence-tutorial

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