Machine Learning क्या है और इसके प्रकार

हेल्लो दोस्तों! आज हम इस पोस्ट में What is Machine Learning in Hindi (मशीन लर्निंग क्या है?) के बारें में पढेंगे और इसके types, advantages को भी देखेंगे. इसे आप पूरा पढ़िए, आपको यह आसानी से समझ में आ जायेगा. तो चलिए शुरू करते हैं:- 

Machine Learning in Hindi – मशीन लर्निंग क्या है?

  • Machine learning आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का एक प्रकार है जिससे मशीन अपने experience (अनुभवों) और data की मदद से अपने-आप सीखता है और चीजों को predict करता है।

  • दूसरे शब्दों में कहें तो, “मशीन लर्निंग एक study है जो कंप्यूटरों को खुद से learn करने की क्षमता प्रदान करता है।”

  • जैसे हम इन्सान चीजों को अपने अनुभव से सीखते है वैसे ही मशीन या कंप्यूटर बिना इन्सान की मदद से खुद से सीखते है। मशीन या कंप्यूटर की खुद से learn करने की ability (काबिलियत) मशीन लर्निंग कहलाती है.

  • Machine learning का अविष्कार 1959 में Arthur Samuel ने किया जाता था.

  • मशीन लर्निंग की मदद से मशीन predictions (भविष्यवाणी) करती है और बहुत ही महत्वपूर्ण decisions (निर्णयों) को लेती है.

  • मशीन लर्निंग computer science की एक ऐसी branch है जो मशीन को यह क्षमता प्रदान करती है की वह अपना काम खुद से ही कर पाए और खुद से ही अपने आपको develop (विकसित) कर सके।

  • Machine learning मशीन को मनुष्य की तरह सोचने , समझने और सीखने में सक्षम बनाता है ताकि सिस्टम या मशीन मनुष्य की तरह ही किसी काम को सोच समझकर आसानी से पूरा कर पाए।

  • मशीन लर्निंग में कंप्यूटर या मशीन को बेहतर बनाने के लिए algorithms का प्रयोग किया जाता है जो सिस्टम को सोचने और समझने की छमता प्रदान करता है। इसके algorithm का प्रयोग बहुत से कार्यो में किया जाता है जैसे -medicine, email filtering, speech recognition, और computer vision आदि .
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Types of Machine Learning in Hindi – मशीन लर्निंग के प्रकार

इसके प्रकार निम्नलिखित होते हैं:-

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  1. Supervised learning
  2. Unsupervised learning
  3. Semi-supervised learning
  4. Reinforcement learning

Supervised learning in Hindi – सुपरवाइज्ड लर्निंग क्या है?

  • Supervised learning मशीन लर्निंग का एक प्रकार है जिसमें labeled data का इस्तेमाल मशीन को training (प्रशिक्षण) देने के लिए किया जाता है।

  • इसमें मशीन data sets को समझने के लिए labeled data का इस्तेमाल model को create करने के लिए करता है.

  • Labelle data एक तरह का इनपुट डेटा होता है जो पहले से ही मशीन के पास मौजूद होता है और इस डेटा को analyze करके सिस्टम output data की भविष्वाणी करता है।

  • सरल शब्दो में इसे समझे तो supervised learning एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमे सिस्टम input data की मदद से  यूजर को सही output data प्रदान करता है।

  • Supervised learning निगरानी (supervision) पर आधारित लर्निंग होती है। जैसे कि – एक student (छात्र) टीचर की निगरानी में चीजों को सीखता है.

  • Supervised learning का उपयोग कई जगहों पर किया जाता है जैसे Risk Assessment, Image classification, Fraud Detection, और spam filtering का पता लगाने के लिए।

Supervised Learning के प्रकार

 इसके मुख्य रूप से दो प्रकार होते हैं:-

1Regression

रिग्रेशन supervised learning का एक प्रकार है। यह एक ऐसी तकनीक है जिसका प्रयोग independent और dependent के बीच की रिलेशनशिप का पता लगाने के लिए किया जाता है।

इसके अलावा Regression का उपयोग मशीन लर्निंग में predictive modelling की विधि के रूप में किया जाता है।

Regression भी कई प्रकार के होते है जैसे Linear Regression, Non-Linear Regression, Polynomial Regression, Bayesian Linear Regression और Regression Trees आदि.

2Classification

Classification एक तरह का एल्गोरिथ्म है जिसमें डेटा को categories में organize (व्यवस्थित) किया जाता है। क्लासिफिकेशन का प्रयोग डेटा को क्लास या ग्रुप में classify (वर्गीकृत) करने के लिए किया जाता है।

Classification में, डेटा को classify करने के लिए गणितीय तकनीक जैसे:-decision trees, linear programming, तथा neural network आदि का प्रयोग किया जाता है।

उदाहरण के लिए – इसका प्रयोग किसी क्लास के स्टूडेंट्स को उनके grade (average, good, excellent) के आधार पर classify (वर्गीकृत) कर सकते है।

Supervised Learning के फायदे

1- यह मशीन को पुराने इनपुट डेटा के आधार पर आउटपुट डेटा की भविष्यवाणी (prediction) करने में मदद करता है।

2- इसमें यूजर को वस्तुओ के वर्गों (classes of objects) के बारे में सटीक जानकारी प्राप्त होती है।

3 – supervised Learning model यूजर को वास्तविक दुनिया की समस्याओ जैसे – धोखाधड़ी का पता लगाने, स्पैम फ़िल्टरिंग आदि को सुलझाने में मदद करती है।

Supervised Learning के नुकसान

1.- यह लर्निंग मुश्किल कार्यो को करने में सक्षम नहीं होती।

2- इसमें आउटपुट डेटा की भविष्यवाणी करने में काफी समय लगता है.

Unsupervised learning in Hindi – अनसुपरवाइज्ड लर्निंग क्या है?

  • unsupervised learning मशीन लर्निंग एक प्रकार है जो supervised learning का उल्टा होता है। सरल शब्दो में कहे तो “इसमें unlabeled data का इस्तेमाल मशीन को ट्रेनिंग देने के लिए किया जाता है.”

  • यह एक ऐसी learning है जिसमें machine बिना किसी निगरानी (supervision) के चीजों को सीखती है.

  • Unsupervised learning का प्रयोग बहुत बड़ी मात्रा के डेटा से उपयोगी insights प्राप्त करने के लिए किया जाता है।

  • Unsupervised learning model मनुष्य की तरह सोचने में सक्षम होते है, जैसे मनुष्य की तरह behave (व्यवहार) करना , कार्य करना और सोचना आदि .

Unsupervised Learning के प्रकार

इसके भी मुख्य रूप से दो प्रकार होते हैं:-

1- Clustering

Clustering एक ऐसी विधि (method) होती है जिसमे objects को अलग-अलग समहों (groups) में विभाजित किया जाता है, इसमें जो objects एक जैसे होती है उन्हें एक ग्रुप में रखा जाता है और जो objects अलग होते है उन्हें दुसरे ग्रुप में रखा जाता है।

हमारी सामान्य जिंदगी में भी clustering का role होता है। उदाहरण के लिए किसी restaurant में अलग-अलग प्रकार का food होता है और vehicle showroom में cars, bikes तथा अन्य vehicles होती है।

2Association

Association एक ऐसी तकनीक है जो यह बताता है कि objects (वस्तुएं) एक दूसरे से किस प्रकार associate (जुड़ी) हुई है. Association बड़े डेटाबेस में variables के बीच रिलेशनशिप को खोजने की एक बहुत ही प्रसिद्ध method (विधि) है।

Unsupervised Learning के फायदे

1- Supervised learning की तुलना में unsupervised learning अधिक जटिल (complex) कार्यो को आसानी से पूरा कर सकती है क्योकि इसके पास labeled data नहीं होता है जिसके कारण यह जटिल कार्यो को आसानी से पूरा कर पाता है।

2- इसमें यूजर के लिए डेटा को प्राप्त करना काफी आसान होता है, क्योकि लेबल (labeled) किए गए डेटा की तुलना में बिना लेबल (unlabeled) वाले डेटा प्राप्त करना काफी आसान होता है।

Unsupervised Learning के नुकसान

1- इस लर्निंग में बहुत ज्यादा time लगता है.

2- इसके परिणाम (result) सटीक नहीं होते, जिसके कारण यूजर को सही जानकारी प्राप्त नहीं होती।

Semi-supervised learning in Hindi – सेमी-सुपरवाइज्ड लर्निंग क्या है?

  • Semi-Supervised learning  मशीन लर्निंग का एक प्रकार है जो कि supervised learning और unsupervised learning दोनों से मिलकर बनी होती है.

  • इसमें मशीन को सिखाने के लिए कम मात्रा में labeled data और ज्यादा मात्रा में unlabeled data का इस्तेमाल किया जाता है.

Semi-supervised learning के लाभ

1- Semi-supervised learning को समझना किसी भी यूजर के लिए काफी आसान होता है।

2- इसकी कार्य करने की क्षमता ज्यादा होती है।

3- इसकी दक्षता (efficiency) अधिक होती है.

Semi-supervised की हानियाँ

1- इसमें यूजर को एकदम सही परिणाम (result) देखने को नहीं मिलते।

2- इसके परिणाम stable (स्थिर) नहीं होते.

Reinforcement Learning in Hindi – रेंफोर्समेंट लर्निंग क्या है?

  • Reinforcement learning एक ऐसी लर्निंग तकनीक है जिसमें agent को सही कार्य करने पर reward दिया जाता है और गलत कार्य करने पर penalty दी जाती है.

  • यह feedback पर आधारित learning है.

  • इसमें feedback के आधार पर agent अपने-आप सीखता है और खुद को improve करता है.

  • उदाहरण के लिए- एक रोबोट जो खुद ही अपने हाथों को चलाना सीखता है. यह रोबोट reinforcement learning का एक example है.

Reinforcement learning के फायदे

  1. यह तकनीक ऐसे results को प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल की जाती है जिन्हें प्राप्त करना बहुत ही मुश्किल होता है.
  2. यह सटीक results प्रदान करती है.

Reinforcement learning के नुकसान

  1. इसका इस्तेमाल सरल problems को solve करने के लिए नहीं किया जा सकता.
  2. इस तकनीक में ज्यादा data की जरूरत पड़ती है.

Applications of Machine Learning in Hindi – मशीन लर्निंग के अनुप्रयोग

इसका इस्तेमाल निम्नलिखित जगहों पर किया जाता है.

1- Machine learning का इस्तेमाल वस्तुओं, व्यक्तियों, स्थानों, और चित्रों को पहचानने के लिए किया जाता है। चित्रों की पहचान करने के लिए face detection तकनीक का उपयोग किया जाता है।

2- इसका इस्तेमाल voice search करने के लिए किया जाता है जिसमे यूजर माइक में बोलकर किसी भी चीज़ के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है। गूगल जैसे बड़े बड़े सर्च इंजन मशीन लर्निंग का उपयोग करके यूजर को Voice search की सुविधा प्रदान करते है।

3- इसका प्रयोग यातायात (traffic) की स्थिति जानने के लिए किया जाता है। चलिए इसे उदहारण की मदद से समझते है।

यदि कोई यूजर किसी नई जगह पर जाना चाहता है तो वह google map का उपयोग करता है जो उसे सही मार्ग दिखाने के साथ साथ traffic की स्थिति के बारे में भी जानकारी प्रदान करता है जो केवल मशीन लर्निंग के कारण सम्भव हो पाता है।

4.- इसका इस्तेमाल मनोरंजन और ई-कॉमर्स जैसी कमापनियों जैसे amazon और netflix के द्वारा यूजर को इनपुट के बदले आउटपुट डेटा प्रदान करने के लिए किया जाता है।

उदहारण के लिए जब भी कोई यूजर amazon पर किसी प्रोडक्ट के बारे में सर्च करता है तो उसे सर्च रिजल्ट में बहुत सारे प्रोडक्ट देखने को मिलते है।

ऐसा केवल मशीन लर्निंग के कारण सम्भव हो पाया है जिसमे यूजर ने amazon को इनपुट डाटा प्रदान किया बदले में यूजर को आउटपुट डाटा प्राप्त हुआ।

5- मशीन लर्निंग का प्रयोग medical science में रोगों के निदान (Diagnosis diseases) के लिए किया जाता है।

सरल भाषा में कहे तो मशीन लर्निंग का उपयोग medical science में बीमारियों का पता लगाने के लिए किया जाता है जिसकी मदद से पेशेंट की बीमारियों का पता लगाया जा सके और उस बीमारी का इलाज करके उसे बचाया जा सके।

6- मशीन लर्निंग  का उपयोग stock market में शेयर की भविष्यवाणी करने के लिए किया जाता है की कोनसे share की value कम होगी और कोनसे share की value ज्यादा जिससे investor को loss होने के chance कम हो जाते है। हालांकि यह आकड़ा बिलकुल सटीक नहीं होता लेकिन investor को एक idea जरूर मिल जाता है।

7- इसका इस्तेमाल ऑनलाइन फ्रॉड का पता लगाने के लिए किया जाता है जिसकी मदद से यूजर का डाटा और पैसा दोनों ही सुरक्षित रहता है।

मशीन लर्निंग नकली खाते और नकली आईडी का पता आसानी से लगा सकती है जिसके चलते fraud होने के chance कम हो जाते है। इसके अलावा मशीन लर्निंग यूजर की सभी online transactions को पूरी तरह secure (सुरक्षित) करने में मदद करता है।

8- इसका उपयोग virtual personal assistants के निर्माण करने के लिए किया जाता है। virtual personal assistants एक ऐसा टूल होता है जो यूजर की आवाज के जरिये कमांड को प्राप्त करता है और उस कमांड के जरिये यूजर को output देता है।
इसके उदहारण Google assistant, Alexa, Cortana, Siri होते है।

Advantages of Machine Learning in Hindi – मशीन लर्निंग के फायदे

1- machine learning मशीन को advance और modern बनाने में मदद करता है जिसके चलते मशीन इंसानो की तरह सोच और समझ सकता है और इंसानो की तरह ही किसी कार्य को आसानी से पूरा कर सकता है।

2- यह पुराने इनपुट डेटा की मदद से आउटपुट डेटा की भविष्यवाणी करने में सक्षम होते है जिससे यूजर को future के डेटा का पता चल जाता है। हालांकि यह डेटा पूरी तरह से सटीक नहीं होते लेकिन यूजर को भविष्य’ में होने वाली घटनाओ का idea ज़रूर मिल जाता है।

3- यह छात्रों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने में मदद करता है जिसके चलते छात्र आसानी से उच्च स्तरीय (high level) शिक्षा को प्राप्त कर सकते है।

मशीन लर्निंग छात्रों को ऐसी तकनीक प्रदान करता है जिसकी मदद से छात्र किसी भी चीज़ के बारे में आसानी से रिसर्च कर सकते है।

4- यह pateint (मरीज) की बीमरियों का पता लगाने में मदद करती है जिसके चलते सही बीमारी का पता लगाया जा सकता है।

आज के समय में डॉक्टर के पास ऐसी ऐसी तकनीक और devices है जो पेशेंट की बीमारियों का पता आसानी से लगा लेते है। यह सब मशीन लर्निंग की वजह से सम्भव हो पाया है।

5- यह इंसानो की तुलना में ज्यादा मात्रा में data को review और analyze कर सकता है और इंसानो की तुलना में ज्यादा सटीक भविष्यवाणी भी कर सकता है।

इसके अलावा मशीन लर्निंग में पुराना data history के रूप में स्टोर रहता है जिसका उपयोग future data को predict करने के लिए भी किया जाता है।

6- इसमें किसी काम को आसानी से पूरा किया जा सकता है क्योकि मशीन लर्निंग में ज्यादातर कार्य automatic होते है। मशीन लर्निंग के एल्गोरिथ्म को यह पता होता है की उसे किस समय कोनसा काम करना है जो इसके सोचने समझने की शक्ति को दर्शाता है।

Disadvantages of Machine Learning in Hindi – मशीन लर्निंग के नुकसान

1- मशीन लर्निंग को पूरी तरह trained करने के लिए अधिक मात्रा में डेटा की ज़रूरत पड़ती है जिसके चलते परिणामो में गलतिया होने के chances काफी बढ़ जाते है। अधिक मात्रा में डेटा होने के कारण कार्यो को पूरा करने में काफी समय लग जाता है।

2- मशीन लर्निंग के एल्गोरिथ्म को develop होने में काफी समय का वक़्त लग जाता है जिसके चलते समय काफी बर्बाद होता है।

इसके अलावा मशीन इसके एल्गोरिथ्म को पूरी तरह develop होने के लिए ज्यादा मात्रा में resources की आवश्यकता पड़ती है।

3- इसमें पुराने इनपुट डेटा की मदद से output data की भविष्यवाणी तो की जा सकती है लेकिन यह परिणाम या डाटा पूरी तरह से सही नहीं हो सकते जिसके चलते यूजर को समस्याओ का सामना करना पड़ता है।

4- इसमें डेटा का size काफी बड़ा होता है जिसके कारण सिस्टम को अधिक मात्रा में मेमोरी स्पेस की ज़रूरत पड़ती है।

Inductive Learning क्या है?

मशीन लर्निंग का एक नया फील्ड है जिसे हम inductive learning कहते है. inductive learning को नए नियमों को लाने तथा भविष्य के क्रियाकलापों (activities) को predict करने के लिए बनाया गया है.

inductive learning एक ऐसी लर्निंग है जिसको observation तथा knowledge (नियमों तथा निष्कर्षों की) से प्राप्त किया जाता है.

दूसरे शब्दों में कहें तो, “ inductive learning उदाहरणों के द्वारा सीखने की एक प्रक्रिया है.”

Difference between Machine Learning and Artificial Intelligence in Hindi – मशीन लर्निंग और आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस के बीच अंतर

Artificial intelligenceMachine learning
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक ऐसी तकनीक है जो मशीन को मानव की तरह व्यवहार करने में सक्षम बनाती है।मशीन लर्निंग AI का एक प्रकार है जिसमें मशीन data से सीखता है.
AI का लक्ष्य इंसानों की तरह कठिन समस्याओं को हल करने के लिए एक स्मार्ट कंप्यूटर सिस्टम बनाना है।ML का लक्ष्य मशीनों को डेटा से सीखने की अनुमति देना है ताकि वे सटीक आउटपुट दे सकें।
AI में, हम इंसान की तरह किसी भी काम को करने के लिए इंटेलिजेंट सिस्टम बनाते हैं।ML में, हम किसी विशेष कार्य को करने और सटीक परिणाम देने के लिए मशीनों को सिखाते हैं।
AI के तीन प्रकार होते हैं- Weak AI, Strong AI, और General AI.इसके चार प्रकार होते है- supervised, unsupervised, semi-supervised और reinforcement learning.
मशीन लर्निंग का उद्देश्य क्या होता है?

इसका मुख्य उद्देश्य data में से patterns को ढूँढना और prediction करना होता है.

मशीन लर्निंग के कितने प्रकार होते हैं?

इसके 4 प्रकार होते हैं:- Supervised, Unsupervised, Semi-supervised और Reinforcement Learning.

Reference:- https://www.javatpoint.com/machine-learning

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