Data Link Layer in Hindi – OSI Model

हेल्लो दोस्तों! आज हम इस आर्टिकल में Data Link Layer in Hindi (डेटा लिंक लेयर क्या है?) के बारें में पढेंगे. इसे बहुत ही आसान भाषा में लिखा गया है. इसे आप पूरा पढ़िए, यह आपको आसानी से समझ में आ जायेगा. तो चलिए शुरू करते हैं:-

Data Link Layer in Hindi – डेटा लिंक लेयर क्या है?

यह लेयर OSI model की दूसरी लेयर है जिसे हम (data link layer) कहते है। यह लेयर OSI model में ऊपर से चौथे नंबर और निचे से दुसरे नंबर पर होती है।

इस लेयर का उपयोग नेटवर्क द्वारा भेजे गए data packets को encode और decode करने के लिए किया जाता है। यह लेयर सुनिश्चित (ensure) करती है की डेटा में किसी प्रकार का कोई error नहीं है।

इस लेयर का प्रयोग एक कंप्यूटर से दुसरे कंप्यूटर में डेटा को transfer करने के लिए भी किया जाता है।

यह OSI model की सबसे जटील (complex) लेयर है जिसका उपयोग (Error detection, retransmission, flow control, और random access) जैसे कार्यो को पूरा करने के लिए किया जाता है।

यह लेयर data stream को signal में bit by bit कन्वर्ट करने में मदद करती है। इस लेयर में Ethernet, token ring, FDDI और PPP जैसे protocol शामिल होते है।

यह लेयर डेटा के प्रवाह (flow) को कण्ट्रोल और maintain करके रखती है ताकि डेटा सही तरीके से ट्रांसफर हो सके।

इस लेयर में दो तरह के कनेक्शन होते है पहला point to point और दूसरा broadcast कनेक्शन।
इस लेयर में दो sublayer होती है। डेटा लिंक लेयर की पहली sublayer MAC (Media Access Layer) और दूसरी sublayer (logical link control) है।

Types of Data Link Layer in Hindi – डेटा लिंक लेयर के प्रकार

इसके दो प्रकार होते है जिन्हे हम sublayer भी कहते है :-

Types of Data Link Layer

1- MAC (Media Access Control)

यह डेटा लिंक लेयर की पहली sublayer है जिसका उपयोग media को control करने के लिए किया जाता है।

2- Logical Link Control

यह डेटा लिंक लेयर की दूसरी sublayer है जिसका उपयोग डेटा के प्रवाह (flow) को control करने और error को control करने के लिए किया जाता है।

इसे पढें- डेटा लिंक लेयर में Flow control क्या है?

Function of Data Link Layer in Hindi – डेटा लिंक लेयर के कार्य

1- यह लेयर डेटा के प्रवाह (flow) को कण्ट्रोल करने का काम करती है ताकि डेटा को समान गति (same speed) से ट्रांसफर किया जा सके।

2- यह लेयर error को control करती है ताकि डेटा में कोई error ना आये।

3- जब दो या दो से अधिक devices एक communication channel से कनेक्ट होते है तब यह layer तय (decide) करती है कि किस डिवाइस को access देना चाहिए।

4- यह लेयर (physical raw bit stream) को packets में translate करती है। इन packets को हम frames भी कहते है और यह layer इन frames में header और trailer को add करती है।

5- यह लेयर network layer से data packets को प्राप्त करती है और उन्हें frames में divide कर देती है।

6- यह लेयर डेटा में मौजूद error को correct करती है।

Exam में पूछे जाने वाले सवाल

Data Link Layer क्या है ?

यह OSI model की दूसरी लेयर है जिसे हम (data link layer) कहते है। यह लेयर OSI model में ऊपर से चौथे नंबर और निचे से दुसरे नंबर पर होती है।

Data Link Layer के क्या कार्य है ?

इस लेयर का मुख्य कार्य error को control करना है।

Refrence:- https://www.javatpoint.com/data-link-layer

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