Network Layer in Hindi – OSI Model

हेल्लो दोस्तों! आज हम इस आर्टिकल में आपको Network Layer in Hindi (नेटवर्क लेयर क्या है?) के बारें में जानकारी देने वाले है. इसे बहुत ही आसान भाषा में लिखा गया है. इसे आप पूरा पढ़िए, यह आपको आसानी से समझ में आ जायेगा. तो चलिए शुरू करते हैं:-

Network Layer in Hindi – नेटवर्क लेयर क्या है?

यह OSI model की तीसरी लेयर है जिसे हम network layer कहते है। इस लेयर में switching और routing जैसी तकनीकों का प्रयोग किया जाता है।

इस लेयर का उपयोग data packets को source से desitinaton तक पहुंचाने के लिए किया जाता है। यह लेयर data packets को destination तक पहुंचाने के लिए Logical Address का उपयोग करती है।

यह लेयर ऑनलाइन संचार (online communication) का एक हिस्सा है जो डेटा पैकेट्स को एक डिवाइस से दुसरे डिवाइस में transfer करने में मदद करती है।

यह लेयर संचार के लिए एक तरह का रास्ता प्रदान करती है जो रास्ता काफी छोटा होता है। यह लेयर डेटा पैकेट्स को transfer करने के लिए सबसे अच्छा रास्ता चुनती है।

इस लेयर का प्रयोग network पर device के location को track करने के लिए भी किया जाता है। इस लेयर में Internet Protocol (IP) और Internet Control Message Protocol (ICMP) जैसे protocol का उपयोग किया जाता है।

इस लेयर में routing, testing, और encryption के लिए दुसरे प्रोटोकॉल का प्रयोग किया जाता है।

यदि एक ही link पर दो कंप्यूटर अलग अलग network से जुड़े है तो उसे हम network layer कह सकते है। यह लेयर अलग अलग channel के माध्यम से source host और destination host को आपस में जोड़ने का काम करती है।इस लेयर को पैकेट यूनिट भी कहा जाता है।

Network Layer in Hindi

Features of Network Layer in Hindi – नेटवर्क लेयर की विशेषताए ?

1- यह लेयर डेटा पैकेट को बिना बदले destination तक लेकर जाती है।

2- इस लेयर में , यदि डेटा पैकेट का साइज बड़ा होता है तो वह छोटे छोटे टुकड़ो में divide हो जाते है।

3- यह लेयर डेटा पैकेट्स को ट्रांसफर करने के लिए मार्ग तय (decide) करता है।

4- इस लेयर में source और destination address को लेयर के अंदर डेटा पैकेट में जोड़ा जाता है।

5- नेटवर्क लेयर में मौजूद router और broadcast डोमेन बनाकर network के traffic को कम करते है।

Functions of Network Layer in Hindi – नेटवर्क लेयर के कार्य

1- यह लेयर frame के header में source और destination address को add करती है। address का प्रयोग internet में devices को identify करने के लिए किया जाता है।

2- यह लेयर डेटा पैकेट्स को ट्रांसफर करने के लिए सबसे अच्छे रास्ते को चुनती है, जिसे routing भी कहते है।

3- यह अलग-अलग devices में logical connection उपलब्ध करवाती है।

4- यह लेयर बड़े साइज वाले डेटा पैकेट्स को divide करके उनका साइज छोटा कर देती है ताकि डेटा तेज गति से transfer हो सके।

Advantages of Network Layer in Hindi – नेटवर्क लेयर के फायदे

1- इस लेयर में डेटा को आसानी से transfer किया जा सकता है।

2- इस लेयर में traffic कम होता है जिसकी वजह से डेटा को तेज गति से transfer किया जा सकता है।

3- यह लेयर सुरक्षित होती है।

Disadvantages of Network Layer in Hindi – नेटवर्क लेयर के नुकसान

1- इस लेयर में प्रवाह (flow) को कण्ट्रोल करना मुश्किल है।

2- इसमें कभी कभी error control को लागु (apply) करना मुश्किल होता है।

Exam में पूछे जाने वाले सवाल

1- Network Layer क्या है ?

यह OSI model की तीसरी लेयर है जिसे हम network layer कहते है जिसमे switching और routing जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाता है।

2- नेटवर्क लेयर के क्या कार्य है ?

यह layer अलग-अलग devices में logical connection उपलब्ध करवाती है।

Reference:- https://www.javatpoint.com/network-layer

निवेदन:- अगर आपके लिए Network Layer in Hindi (नेटवर्क लेयर क्या है?) का यह पोस्ट उपयोगी रहा हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ अवश्य share कीजिये. और आपके जो भी questions हो उन्हें नीचे comment करके बताइए. धन्यवाद.

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