मेष टोपोलॉजी क्या है? – Mesh Topology in Hindi

हेल्लो दोस्तों! आज हम इस आर्टिकल में Mesh Topology in Hindi (मेष टोपोलॉजी क्या है और इसके फायदे) के बारें में पढेंगे. इसे बहुत ही आसान भाषा में लिखा गया है. इसे आप पूरा पढ़िए, यह आपको आसानी से समझ में आ जायेगा. तो चलिए शुरू करते हैं:-

Mesh Topology in Hindi – मेष टोपोलॉजी क्या है?

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mesh topology एक प्रकार का नेटवर्क टोपोलॉजी है जिसका उपयोग wireless network के लिए किया जाता है। इस टोपोलॉजी में सभी devices एक दुसरे से जुड़े होते है।

मेष टोपोलॉजी में devices एक channel के द्वारा आपस में जुड़े होते है। इस टोपोलॉजी में devices को कनेक्ट करने के लिए coaxial cable और twisted cable का प्रयोग किया जाता है।

इस टोपोलॉजी के कनेक्शन को स्थापित (establish) करना आसान है। इस टोपोलॉजी के प्रत्येक nodes के बिच point-to-point कनेक्शन होता है।

इस टोपोलॉजी में switches और hubs जैसे डिवाइस शामिल होते है। इसमें दो devices डायरेक्ट एक दुसरे से संचार (communication) कर सकते है।
इस टोपोलॉजी में डेटा को आसानी से ट्रांसफर किया जा सकता है और इसमें host computer की जरूरत नहीं पड़ती।

Types of Mesh Topology in Hindi – मेष टोपोलॉजी के प्रकार

इसके दो प्रकार होते है :-

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1- Full Mesh Topology

Full mesh topology में सभी डिवाइस एक दुसरे से जुड़े होते है। इस टोपोलॉजी में यदि किसी कारण कनेक्शन खराब हो जाता है तो destination तक पहुंचने के लिए इसमें दूसरा रास्ता होता है।

यह टोपोलॉजी एक समय में 500 से अधिक devices को कनेक्ट कर सकता है। अन्य टोपोलॉजी की तुलना में फुल मेष टोपोलॉजी ज्यादा expensive होते है।

2- Partial Mesh Topology

इस टोपोलॉजी में कुछ ही डिवाइस एक दुसरे से जुड़े होते है। full mesh topology की तुलना में यह कम expensive है।

Advantages of Mesh Topology in Hindi- मेष टोपोलॉजी के फायदे

1- यह टोपोलॉजी विश्वसनीय (reliable) है।

2- यह high traffic को manage करने में सक्ष्म होते है।

3- यह टोपोलॉजी (secure) सुरक्षित है।

4- यदि इस टोपोलॉजी में कोई डिवाइस ख़राब हो जाता है तो इसका प्रभाव पूरे नेटवर्क पर नहीं पड़ता.

5- इस टोपोलॉजी में संचार (communication) करना आसान है।

6- इसमें डेटा ट्रांसफर करने की स्पीड तेज होती है।

7- इस टोपोलॉजी को expand किया जा सकता है।

8- इस टोपोलॉजी में fault को आसानी से detect किया जा सकता है।

Disadvantages of Mesh Topology in Hindi – मेष टोपोलॉजी के नुकसान

1- mesh topology को मेन्टेन करके रखना मुश्किल होता है।

2- इसे manage करना मुश्किल है।

3- यह टोपोलॉजी काफी expensive है।

4- इस टोपोलॉजी की प्रक्रिया जटील (complex) है।

5- यह टोपोलॉजी अधिक मात्रा में power consume करती है।

6- इस टोपोलॉजी का setup करना मुश्किल है।

Mesh Topology Techniques in Hindi – मेष टोपोलॉजी की तकनीक

इसकी दो तकनीक होती है :-

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1- Routing Technique

यह तकनीक कंप्यूटर नेटवर्क की एक व्यवस्था (arrangement) है। इस तकनीक में टोपोलॉजी को physical और logical व्यवस्था (arrangement) में विभाजित (divide) कर दिया जाता है।

फिजिकल टोपोलॉजी में डिवाइस एक नेटवर्क से जुड़े होते है और लॉजिकल टोपोलॉजी में डेटा को एक डिवाइस से दुसरे डिवाइस में ट्रांसफर किया जाता है।

2- Flooding Technique

इस तकनीक में डेटा को प्रत्येक नोड में transmit किया जाता है।

Protocols in Mesh Topology in Hindi – मेश टोपोलॉजी में प्रोटोकॉल

इसमें तीन तरह के प्रोटोकॉल होते है : –

1- Proactive protocol

यह एक तरह का protocol है जो nodes की निगरानी रखता है। यदि कोई नोड खराब हो जाता है तो यह प्रोटोकॉल network path को फिर से route यानी (reroute) कर देता है। यह प्रोटोकॉल dynamic environment में अधिक मात्रा में resources का उपयोग करता है।

2- Hybrid Protocol

यह प्रोटोकॉल proactive protocol के फीचर्स का प्रयोग करता है।

3- Reactive Protocol

यह प्रोटोकॉल network के path (रास्ता) को determine करता है।

Difference between mesh & Star topology – मेष और स्टार टोपोलॉजी में अंतर्

Mesh TopologyStar Topology
मेश टोपोलॉजी में सभी nodes एक dedicated link के द्वारा जुड़े होते है।स्टार टोपोलॉजी में सभी नोड्स central hub और router से जुड़े होते है।
इस टोपोलॉजी के setup में ज्यादा खर्चा आता है।इस टोपोलॉजी के setup में कम खर्चा आता है।
इसका structure काफी जटील (complex) है।इस टोपोलॉजी का structure कम जटील (complex) है।
इसमें डेटा node से node में travel करता है।इस टोपोलॉजी में डेटा central hub और router से सभी नोड्स तक travel करता है।
इस टोपोलॉजी में devices को कनेक्ट करने के लिए twisted pair cable, coaxial cable और optical fiber cable का प्रयोग किया जाता है।स्टार टोपोलॉजी में devices को कनेक्ट करने के लिए twisted pair cable का प्रयोग किया जाता है।
इस टोपोलॉजी का उपयोग WAN (Wide Area Network) में किया जाता है।इस टोपोलॉजी का उपयोग LAN (Local Area network) में किया जाता है।

Exam में पूछे जाने वाले प्रश्न

1- मेष टोपोलॉजी के कितने प्रकार होते है ?

इसके दो प्रकार होते है :- Full Mesh Topology और Partial Mesh Topology.

2- मेष टोपोलॉजी में कोनसे प्रोटोकॉल का उपयोग किया जाता है ?

इसमें तीन तरह के प्रोटोकॉल का उपयोग किया जाता है :- Proactive protocol, Hybrid Protocol और Reactive.

Reference:https://www.computerhope.com/jargon/m/mesh.htm#:~:text=A%20mesh%20topology%20is%20a,commonly%20used%20for%20wireless%20networks.

निवेदन:- अगर आपके लिए Mesh Topology in Hindi (मेष टोपोलॉजी क्या है और इसके फायदे) का यह पोस्ट उपयोगी रहा हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ अवश्य share कीजिये. और आपके जो भी questions हो उन्हें नीचे comment करके बताइए. धन्यवाद.

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