Linux File System in Hindi – लिनक्स फाइल सिस्टम क्या है?

हेल्लो दोस्तों! आज हम इस आर्टिकल में (Linux File System in Hindi – लिनक्स फाइल सिस्टम क्या है?) के बारें में पढेंगे. इसे बहुत ही आसान भाषा में लिखा गया है. इसे आप पूरा पढ़िए, यह आपको आसानी से समझ में आ जायेगा. तो चलिए शुरू करते हैं:-

Linux File System in Hindi – लिनक्स फाइल सिस्टम क्या है?

  • Linux में File System एक ऐसा सिस्टम है जिसका इस्तेमाल files और data को अच्छे तरीके से स्टोर और organize (व्यवस्थित) करने के लिए किया जाता है.
  • दूसरे शब्दो में कहे तो , लिनक्स फाइल सिस्टम कंप्यूटर की हार्ड डिस्क में स्टोर डेटा या फाइलों का एक कलेक्शन है। इस सिस्टम का उपयोग कंप्यूटर के द्वारा स्टोर डेटा और फाइलों का पता लगाने के लिए किया जाता है।
  • लिनक्स का फाइल सिस्टम फाइलों में मौजूद डेटा को मेन्टेन करके रखता है और डेटा को मैनेज करता है।
  • यह फाइल की सभी जानकारी को मैनेज और स्टोर करता है जैसे कि – फाइल का नाम , फाइल का आकार , और फाइल की date आदि।
  • फाइल सिस्टम एक प्रकार का आर्किटेक्चर होता है जो कंप्यूटर को यह बताता है की फाइलों को कैसे स्टोर करना है और कैसे retrieve करना है।
  • कई फाइलों को organize करके एक फाइल सिस्टम को बनाया जाता है। इसके बिना सिस्टम यह पता नहीं लगा सकता कि कौन सी फ़ाइल कहाँ से शुरू होती है और कहाँ खत्म होती है।
  • लिनक्स फाइल सिस्टम के कई प्रकार होते है जैसे :- Ext:, Ext2, Ext3: आदि।
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Features of Linux File System in Hindi – लिनक्स फाइल सिस्टम की विशेषताएं

इसकी विशेषताएं निम्नलिखित होती हैं:-

1- Path को specify करना

लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में फाइलों को एक दूसरे से अलग करने के लिए फॉरवर्ड स्लैश (/) का उपयोग किया जाता है। जबकि विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम में फाइलों को अलग करने के लिए बैकस्लैश () चिन्ह का उपयोग किया जाता है।

2- Case Sensitive (केस सेंसिटिव)

Linux में फाइल सिस्टम case sensitive होते हैं, इसमें capital letter और small letter के अक्षरों में अंतर किया जाता है। इसलिए इसमें test.txt और Test.txt फाइल में अंतर होता है।

3- File Extension (फाइल एक्सटेंशन)

लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में फाइलों का एक्सटेंशन .txt होता है लेकिन यह ज़रूरी नहीं की सभी फाइलों का एक्सटेंशन हो।

4- Hidden file (छुपी हुई फाइल)

लिनक्स में ज्यादातर सभी configuration files छुपी हुई होती है जिन्हें देखने के लिए फाइल मैनेजर से view को बदलना पड़ता है। लिनक्स में hidden फाइलों की एक पहचान होती है उनके नाम से पहले डॉट (.) चिन्ह का उपयोग किया जाता है।

5- Drive letter (ड्राइव लैटर)

Linux में drive को organize (व्यवस्थित) करने के लिए ड्राइव लैटर का इस्तेमाल नहीं किया जाता.

Types of Linux File System in Hindi – लिनक्स फाइल सिस्टम के प्रकार

इसके निम्नलिखित प्रकार होते है जिन्हे निचे समझाया गया है :-

1- Ext

Ext का पूरा नाम extended file system होता है जिसे MINIX ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए 1992 में develop (विकसित) किया गया था। Ext फ़ाइल सिस्टम का सबसे पुराना वर्जन है, इसमें बहुत सारीं कमियां है, जिसके कारण इसका इस्तेमाल आजकल नही किया जाता है।

2- Ext2

Ext2 का पूरा नाम extended file system2 होता है. यह पहला लिनक्स फाइल सिस्टम है जिसके द्वारा 2 terabyte डाटा को मैनेज किया जा सकता है। इस फाइल सिस्टम को वर्ष 1993 में विकसित किया गया था। ext2 का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि यह reliable (विश्वसनीय) नहीं होता है.

3- Ext3

इसे नवंबर 2001 में Stephen Tweedie (स्टीफन ट्वीडे) के द्वारा विकसित किया गया था। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह journaling को सपोर्ट करता है. Ext3 में एक directory की 32000 sub directory हो सकती है. इसका सबसे बड़ा नुकसान यह है कि यह file recovery को सपोर्ट नहीं करता है.

4- Ext4

यह सभी Ext फाइल सिस्टम में सबसे तेज फाइल सिस्टम है जो SSD (सॉलिड-स्टेट ड्राइव) डिस्क के लिए उपयुक्त होता है। Ext4 फाइल सिस्टम का निर्माण वर्ष 2008 में कंप्यूटर वैज्ञानिकों की एक टीम के द्वारा किया गया था। इसकी मदद से बड़े आकार वाली फाइलों पर तेजी से काम किया जा सकता है। Ext4 में एक directory की 64000 sub-directory हो सकती है.

5- JFS

JFS का पूरा नाम Journaled File System (जर्नलेड फाइल सिस्टम) होता है। इसे IBM के द्वारा 1990 में विकसित किया गया था. यह Ext फाइल सिस्टम का एक विकल्प है इसका इस्तेमाल Ext4 फाइल सिस्टम के स्थान पर किया जा सकता है। परन्तु आजकल JFS का इस्तेमाल नहीं किया जाता क्योंकि ext4 इससे बेहतर है.

6- ReiserFS

यह एक journaling फाइल सिस्टम है इसे 2001 में विकसित किया गया था. इसका इस्तेमाल Ext3 फाइल सिस्टम के स्थान पर किया जा सकता है हालांकि इसमें काफी कमिया भी होती है।

7- XFS

XFS फाइल सिस्टम को वर्ष 1994 में सिलिकॉन ग्राफिक्स नाम की कंपनी के द्वारा विकसित किया गया था। इसका इस्तेमाल बड़ी आकार वाली फाइलों को हैंडल करने के लिए किया जाता था। यह फाइलों को रिकवर करने की सुविधा प्रदान करता था। JFS की स्पीड बहुत ही अधिक होती है. इस फाइल सिस्टम का इस्तेमाल आजकल बहुत कम किया जाता है लेकिन इस फाइल सिस्टम का इस्तेमाल अभी भी NASA के द्वारा किया जाता है।

8- Btrfs

Btrfs का पूरा नाम B-Tree File System होता है। इस फाइल सिस्टम को 2007 में फेसबुक, इंटेल, लिनक्स फाउंडेशन जैसी बड़ी कंपनियों के द्वारा विकसित किया गया था। यह बड़े आकार वाली फाइलों को मैनेज करने और फाइलों में होने वाले error को हैंडल करने में सक्षम है.

9- Swap

Swap फाइल सिस्टम का उपयोग लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में मेमोरी पेजिंग के लिए किया जाता है।

Linux File System में फाइल के प्रकार

Linux ऑपरेटिंग सिस्टम अलग अलग प्रकार की फाइलों को सपोर्ट करता है इनमें से कुछ निम्न है:-

1:- Ordinary files (simple file):- 

वे सभी files जो कि user के द्वारा create की जाती है ordinary files कहलाती है. ये यूजर के द्वारा दी गयी जानकारी को स्टोर किये रहती है.

2:- Directory files:- 

वह files जो कि किसी विशेष डायरेक्टरी या फोल्डर में स्टोर रहती है directory files कहलाती है. उदाहरण के लिए- यदि एक फोल्डर का नाम videos है जिसमें आपने सभी विडियो को रखा हुआ है तो videos की जितनी files होंगी उन्हें हम directory files कहेंगे.

3:- Special files:- 

वे files जो यूजर के द्वारा create नहीं की जाती अर्थात् वह files जो सिस्टम को चलाने के लिए जरुरी होती है special files कहलाती हैं. ये files सिस्टम के द्वारा create होती हैं.

4:- FIFO files:- 

FIFO का अर्थ है first in first out. सिस्टम fifo files का प्रयोग processes को एक क्रम में execute करने के लिए करता है. 

Exam में पूछे जाने वाले प्रश्न

लिनक्स फाइल सिस्टम क्या है?

यह एक ऐसा सिस्टम है जिसका इस्तेमाल files और data को अच्छे तरीके से स्टोर और organize (व्यवस्थित) करने के लिए किया जाता है.

लिनक्स फाइल सिस्टम के किन्ही तीन प्रकार का नाम बताये?

इसके तीन प्रकार :- Ext:, Ext2, Ext3: आदि।

Reference:https://www.javatpoint.com/linux-file-system

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