Hello दोस्तों! इस पोस्ट में आपको ओम जय जगदीश हरे आरती लिखित में PDF को डाउनलोड करने का लिंक दिया गया है, नीचे आपको button दिख रहा होगा, आप उस पर क्लिक करके इसे आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं।
भारत एक ऐसा देश है जहाँ religion, culture और traditions का बहुत गहरा connection है। यहाँ भगवान की पूजा-पाठ और भक्ति से जुड़ी कई practices हैं जो लोगों की life का अहम हिस्सा मानी जाती हैं। इन्हीं में से एक है आरती। आरती भगवान की उपासना (worship) का वो तरीका है जिसमें दीपक, घी, फूल और भजन के माध्यम से ईश्वर की स्तुति (praise) की जाती है।
आरती गाने का सबसे popular रूप है – “ॐ जय जगदीश हरे”। यह आरती हर जगह, चाहे मंदिर हो या घर, सबसे ज़्यादा गाई जाती है। लोग इसे दिन में सुबह और शाम दोनों समय करते हैं। इसकी मधुर धुन और simple शब्द लोगों के मन और आत्मा को शांति (peace) और positivity देते हैं।
टॉपिक
ओम जय जगदीश हरे आरती का महत्व
“ॐ जय जगदीश हरे” केवल एक आरती नहीं बल्कि एक spiritual vibration है। इसे गाने से न केवल मन को शांति मिलती है बल्कि पूरे environment में positive energy फैलती है।
- यह आरती भगवान विष्णु को समर्पित है, जिन्हें जगत का पालनहार (protector of the world) माना जाता है।
- माना जाता है कि इस आरती के पाठ से घर में सुख-शांति, समृद्धि (prosperity) और सौभाग्य (good fortune) आता है।
- इसे group में गाने से एक प्रकार की divine energy पैदा होती है जो हर किसी के heart और mind को शुद्ध करती है।
ओम जय जगदीश हरे आरती की History और Origin
“ॐ जय जगदीश हरे” आरती की रचना पंडित श्रद्धाराम शर्मा ने 19वीं सदी में की थी। वे पंजाब के अमृतसर के रहने वाले थे और एक महान भक्त माने जाते थे।
उन्होंने इस आरती को बहुत ही सरल भाषा में लिखा ताकि हर कोई इसे गा सके और समझ सके। यही कारण है कि आज ये आरती हर हिन्दू परिवार और मंदिर में सबसे common आरती बन चुकी है।
ओम जय जगदीश हरे आरती के लाभ
आरती करना केवल religious act नहीं है बल्कि इसके पीछे कई psychological और spiritual benefits भी हैं।
- Mind Relaxation: जब आप “ॐ जय जगदीश हरे” आरती गाते हैं तो आपकी breathing और mind automatically calm हो जाते हैं।
- Positive Energy: दीपक जलाने और आरती गाने से environment में positivity फैलती है।
- Unity & Devotion: जब family या community एक साथ आरती गाते हैं तो एकता और भाईचारे की भावना मजबूत होती है।
- Faith Increase: Regularly आरती करने से faith और devotion (भक्ति) गहरी होती है।
“ॐ जय जगदीश हरे” आरती (लिखित रूप में)
नीचे इस आरती का पूरा पाठ दिया गया है। आप इसे घर, मंदिर या किसी भी पूजा के समय use कर सकते हैं।
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥ ॐ जय...
जो ध्यावे फल पावे, दुख बिनसे मन का।
स्वामी दुख बिनसे मन का, सुख सम्पत्ति घर आवे,
कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय...
मात पिता तुम मेरे, शरण गहूं मैं किसकी।
स्वामी शरण गहूं मैं किसकी, तुम बिन और न दूजा,
आस करूं जिसकी॥ ॐ जय...
तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतर्यामी।
स्वामी तुम अंतर्यामी, पारब्रह्म परमेश्वर,
तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय...
तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्ता।
स्वामी तुम पालनकर्ता, मैं मूरख खल कामी,
कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय...
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
स्वामी सबके प्राणपति, किस विधि मिलूं दयामय,
तुमको मैं किमति॥ ॐ जय...
दीनबन्धु दुखहर्ता, ठाकुर तुम मेरे।
स्वामी ठाकुर तुम मेरे, अपने हाथ उठाओ,
द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय...
निवेदन:- अगर ओम जय जगदीश हरे आरती लिखित में PDF आपको पसंद आया हो तो इसे अपने friends and family के साथ WhatsApp पे शेयर कर सकते हो। अगर आपको किसी और subject से related कोई PDF चाहिए हो तो आप नीचे comment करके हमें बताइए, हम उसे एक या दो दिन में publish कर देंगे। धन्यवाद।