GSM architecture in hindi

इस पोस्ट में हम gsm architecture के बारें में पढेंगे तथा इसे आसान भाषा में समझेंगे तो चलिए पढ़ते है:-

GSM architecture in hindi (जीएसएम आर्किटेक्चर)

GSM का पूरा नाम global system for mobile communication है. GSM architecture जो होता है वह बहुत सारें अलग-अलग components से बना हुआ होता है और यह architecture बताता है कि ये components किस प्रकार एक दूसरे से interact करते है जिससे कि पूरा सिस्टम भली भांति कार्य कर सकें.

Gsm architecture
gsm architecture में निम्नलिखित भाग होते है:-

1:- mobile station (MS)
• mobile equipment (ME)
• subscribe identity module (SIM)

2:- base station subsystem (BSS)
• base transciever controller (BTC)
• base station controller (BSC)

3:- network switching subsystem (NSS)
• mobile switching center (MSC)
• home location register (HLR)
• visitor location register (VLR)
• authentication center (AUC)
• equipment identity register (EIR)

तो चलिए इनके बारें में विस्तार से पढ़ते है:-

mobile station (मोबाइल स्टेशन) 

मोबाइल स्टेशन दो components से मिलकर बना होता है जो निम्न है:-

mobile equipment (मोबाइल उपकरण) मतलब की कोई मोबाइल जिससे जिससे कि कम्युनिकेशन किया जा सकता हो.

SIM (subscriber identity module) जो है वह प्रत्येक सब्सक्राइबर को identify करने के लिए प्रयोग किया जाता है. तथा यह मोबाइल उपकरण में लगाया जाता है. SIM कार्ड जो है वह सब्सक्राइबर का डेटा जैसे कि फ़ोन नंबर, लोकेशन, तथा टेक्स्ट मैसेज को स्टोर करता है.
बिना सिम के मोबाइल उपकरण से कम्युनिकेशन नहीं हो सकता है.

BSS (base station subsystem) in hindi

GSM architecture में base station subsystem के दो भाग होते है:-

BTS (base transciever station):- BTS जो है वह antenna में स्थित होता है. यह सिग्नल को recieve तथा send दोनों कार्य करता है. अर्थात् किसी नेटवर्क तथा मोबाइल के मध्य कम्युनिकेशन के लिए सही जिम्मेदार होता है.

BTS रेडियो सिग्नलों को इनकोड, encrypt, मल्टीप्लेक्स, मोड्यूलेट (मोड्यूलेशन/ डिमोड्यूलेशन) करता है.

BSC (base station controller):- BSC एक या एक से अधिक BTS को नियंत्रित तथा मैनेज करता है. तथा यह MSC तथा BTS से कनेक्टेड रहता है.

इसके एरिया में जितने भी मोबाइल स्टेशन होते है उनको यह फ्रीक्वेंसी तथा टाइम स्लॉट्स (slots) assign करता है.

BSC जो है वह MSC के कनेक्शनों को कम करता है तथा उसे उच्च क्षमता के कनेक्शन provide कराता है.

BSC रेडियो चैनल एलोकेशन, फ्रीक्वेंसी होपिंग, MS के लिए हैंडओवर, रेडियो पावर आदि कार्यों को हैंडल करता है.

NSS (network switching subsystem) in hindi

NSS जो है वह GSM architecture का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है इसके निम्नलिखित भाग होते है:-

MSC (mobile switching center):- यह बहुत सारें BSCs को नियंत्रित करता है. MSC जो है वह GSM architecture के दिल के सामान है. क्योंकि यह GSM architecture का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है. यह GSM तथा अन्य networks के मध्य कम्युनिकेशन को मैनेज करता है.

कॉल सेटअप, बेसिक switching तथा कॉल routing आदि कार्य यह करता है. तथा यह यूजर रजिस्ट्रेशन तथा authentication के कार्य को भी करता है.

HLR (home location registers):- HLR जितने भी रजिस्टर किये हुए सब्सक्राइबर होते है उनकी जानकारी रखता है जैसे:- कस्टमर id, कस्टमर नंबर, बिलिंग की जानकारी, तथा अंतिम किये हुए रिचार्ज की जानकारी आदि. तथा उसके साथ साथ यह सब्सक्राइबर की लोकेशन की जानकारी को भी रखता है.

VLR (visitor location registers):- VLR जो है वह सब्सक्राइबर के बारें में temporary जानकारी रखता है तथा इस जानकारी का प्रयोग MSC के द्वारा किया जाता है.

जब एक सब्सक्राइबर एक लोकेशन से दूसरे लोकेशन में जाता है तो उसकी सूचना VLR में अपडेट होती है.

VLR रोमिंग के कार्य को भी हैंडल करता है कस्टमर अगर अपने HLR एरिया से बाहर चले जाये तो उसके लिए रोमिंग की सुविधा इसी के द्वारा की जाती है.

VLR जो है वह HLR की तरह सामान जानकारी रखता है परन्तु इसकी जानकारी temporary होती है जबकि HLR की permanent.

EIR (equipment identity register):- EIR यह निर्णय लेता है कि कोई मोबाइल किसी नेटवर्क में एक्सेस करेगा या नहीं.

प्रत्येक मोबाइल में एक यूनिक नंबर होता है जिसे हम international mobile equipment identity (IMEI) कहते है. जब मोबाइल किसी नेटवर्क में रजिस्टर होता है तब नेटवर्क इस नंबर को check करता है. अगर IMEI नंबर सही होगा तो मोबाइल नेटवर्क में एक्सेस कर पायेगा नहीं तो नहीं कर पायेगा.

AUC (authentication center):- AUC एक डेटाबेस होता है जो कि प्रत्येक सब्सक्राइबर के SIM कार्ड में एक secret key स्टोर करता है जिसका प्रयोग authentication तथा encryption के लिए किया जाता है.

AUC मोबाइल में होने वाले धोखाधडी, फेक कॉल आदि सब से सब्सक्राइबर को बचाता है.

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