system modeling in hindi & UML, types of system models in hindi

System modeling in hindi

system modeling को system model भी कहते है.

system modeling एक process है। यह प्रोसेस एक system के संपूर्ण structure को develop करता है। यह प्रोसेस system के abstract model को develop करता है, इसमें प्रत्येक model सिस्टम के एक अलग-अलग view या perspective को प्रस्तुत करते है।

system modeling में बहुत से models सम्मिलित होते है अर्थात् यह कई सारे model से मिलकर बना होता है। system model में जितने भी models होते है उन्हें graphical way (चित्रों के रूप) में represent किया जाता है।

हम किसी भी system के संपूर्ण model या structure को represent करने के लिए graphical structure या graphical Notation का प्रयोग करते है जो एक language पर आधारित होता है इस language को UML (unified modeling language) कहते है।

system modeling जो है वह सिस्टम तथा मॉडल की functionality को analysis करके समझने में मदद करता है। जो कि customer के साथ communicate करने के लिए प्रयोग किया जाता है।

System perspective –

system modeling में system perspective के चार प्रकार होते है –

  1. External perspective
  2. Interaction perspective
  3. Structural perspective
  4. Behavioral perspective

External perspective – external perspective वो perspective है जिसका प्रयोग system के एक external environment को model या design करने के लिए किया जाता है।

Interaction perspective – एक interaction perspective वो perspective है , जहाँ हम एक system और उसके environment के बीच या फिर एक system के components के बीच interaction को model (डिजाईन) करते है।

Structural perspective – एक structural perspective वह perspective है , जहां आप सिस्टम के organization या सिस्टम द्वारा processed डेटा के structure का model करते है।

Behavioral perspective – behavioral perspective वो perspective है , जहाँ हम सिस्टम के dynamic behaviour को design करते है। और यह events को कैसे respond करता है यह देखते है।

UML in hindi

UML का पूरा नाम unified modeling language है। जो एक object Oriented design methodology  में  real world objects को represent करने के लिए एक standard है। अर्थात् UML एक  स्टैण्डर्ड modeling language है जो कि diagrams के समूह को contain किये रहता है. जिससे developers को model बनाने में मदद मिलती है.

UML digram types –

यहाँ पाँच प्रकार का UML digram है जो किसी भी organization के लिए system design या Architecture को represent करता है।

  1. Activity digram – activity digram किसी process में या data processing में शामिल activities को show करता है।
  2. Use-case digram – Use-case digram एक system और उसके environment के बीच interaction को show करता है।
  3. Sequence digram – sequence digram जो है जो है वह  system तथा system के components के बीच interaction को show करता है।
  4. Class digram – class digram सिस्टम में object class और इन classes के बीच association को show करता है।
  5. State digram – state digram  यह show करता है कि system internal और external events पर कैसे react करता है.

Types of system models in hindi

system models के कई प्रकार है जिसमे कुछ models नीचे describe किये गए है –

  1. Data model
  2. Object model
  3. Context model
  4. Behavioral model

1:- Data model –

data model में हम यह represent करते है कि हमारा data कैसे एक module से दुसरे module में move कर रहा है। data modeling , system model का एक प्रकार है। data model में input , output और processing data के flow को graphical Notation के द्वारा represent किया जाता है। इसे E-R modeling या E-R Notation भी कहते है।

Data के flow के लिए Notation का भिन्न – भिन्न प्रकार (data flow notation) –

  • Rectangle shape – इस shape का use किसी भी system के external entities को represent करने के लिए करते है।
  • Data store – इस shape का use data base में कई प्रकार के information या data को store करने के लिए किया जाता है।
  • Data process / circle – इस shape का use इस Notation में किसी भी information या data के processing के लिए किया जाता है।
  • Diamond shape / decision making digram – इस shape का use entity के बीच relationship को represent करने के लिए किया जाता है।
  • Arrow – इस shape का प्रयोग left to right , right to left , top to bottom or bottom to top डेटा के movement को represent करने के लिए किया जाता है।

Perception (SCHEMA) of data model –

data model को प्रस्तुत करने के लिए यहाँ तीन प्रकार का perception है –

  • Physical perception – इसमें database schema यह create और check करता है कि हमारा database schema एक दुसरे से कैसे related है।
  • Conceptual perception – इसे logical perception भी कहते है। इसमें यह देखते है कि हमारा data कैसे insert , delete और update हो रहा है।
  • External perception – इसे end user perception भी कहते है। इसमें यह देखते है कि हमारा data कैसे और किस environment में processing कर रहा है।

2:- Object model in hindi –

Object model एक system model का प्रकार है। जिसमें object का प्रयोग करके सभी real world problems को solve किया जाता है।

object model जो है वह object, classes तथा उनके मध्य association को system को describe करता है। object model में complex project को सरलता से पूरी Security के साथ विकसित कर सकते है।

object model में classes का प्रयोग data information को और उनके associated function को bind करने के लिए करते है। इस model में हम irrelevant या unnecessary information को end users से छुपा करके रखते है।

विभिन्न object model का प्रयोग object Oriented approach produce करने के लिए करते है  जो निम्न है:-

  • Inheritance model – इस model में एक class के information या attribute दुसरे class से inherit करते है। एक class जिससे information दुसरे class द्वारा inherit की जाती है उसे super class कहते है और वह class जो एक class से information को inherit करता है उसे sub class कहते है।
  • Aggregation model – aggregation model में हम यह show करेंगे की कैसे classes दुसरे class से घिरी हुई रहती है। इस model में हम classes के बीच relationship को represent करेंगे।
  • Interaction model – इस model में हम यह show करते है कि कैसे हमारा data एक object से दूसरे ऑब्जेक्ट में move करता है। interaction model में , data का एक object से दुसरे object पर movement करना  interaction model की अहम भूमिका है।

3:- Context model –

context model एक graphical representation होता है। इसमें कुछ basic बातों को decide करना जरूरी होता है जैसे cost और time। इसमें यह भी decide किया जाता है कि सिस्टम में क्या क्या functionality डालनी है तथा इसमें यह बताया जाता है कि एक particular element को कैसे displayed करना है।

context model का प्रयोग एक सिस्टम के operational context को स्पष्ट करने के लिए किया जाता है। यह system उस environment को represent करता है जिसमें सिस्टम work कर रहा होता है। यह system के requirement का use करके boundary decide करता है। इसका मुख्य लक्ष्य किसी भी system में context information के formal या semiformal description को produce करना होता है।

4:- Behavioral model –

behavioral model सिस्टम मॉडल का एक प्रकार है। behavioral model का प्रयोग किसी भी system के संपूर्ण behavior को describe करने के लिए किया जाता है। इस model में हम एक state से दुसरे state तक data flow को describe करते है और प्रोसेस के execution के दौरान state के changes को भी describe करते है।

किसी भी system के behavior को describe करने के लिए निम्नलिखित models का use किया जाता है –

  • Data processing model – data processing model सिस्टम में data के flow को describe करता है। हम data के flow को describe करने के लिए DFD का use करते है। DFD का पूरा नाम data flow digram है। DFD एक graphical Notation है जिसका use system में data के flow को represent करने के लिए किया जाता है।
  • State machine model – state machine model किसी भी system के behavior को describe करता है। यह external और internal events के लिए response देता है। state machine model, सिस्टम state को node के रूप में और event को arcs के रूप में describe करते है। जब एक event occur होता है तब system एक state से दुसरे state में move करता है।

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