Error Control in Hindi – एरर कंट्रोल क्या है और इसकी तकनीक

हेल्लो दोस्तों! आज हम इस आर्टिकल में Error Control in Hindi (एरर कण्ट्रोल क्या है) के बारें में पढेंगे. इसे बहुत ही आसान भाषा में लिखा गया है. इसे आप पूरा पढ़िए, यह आपको आसानी से समझ में आ जायेगा. तो चलिए शुरू करते हैं:-

Error Control in Hindi – एरर कण्ट्रोल क्या है?

Error control एक प्रक्रिया है जो data और information में मौजूद error को detect करती है। दूसरे शब्दो में कहे तो यह एक तकनीक है जिसका उपयोग data और information में मौजूद error को detect करने के लिए किया जाता है।

यह तकनीक information और data में मौजूद error को ठीक करने का काम भी करती है। इस प्रक्रिया का उपयोग करके संचार के दौरान data blocks का पता लगाया जाता है।

यह डेटा की accuracy को check करने का काम करती है। error control का मुख्य कार्य data link layer पर data frames को डिटेक्ट करना , identify करना और उसको re-transmit करना होता है।

यह तकनीक उस डेटा को ठीक करती है जो transmission प्रक्रिया के दौरान corrupt हो जाते है।

यदि किसी कारण डेटा corrupt हो जाता है तो रिसीवर उस डेटा को receive नहीं कर पाता। इसलिए error control का उपयोग करके डेटा को re-transmit किया जाता है ताकि रिसीवर उस डेटा को receive कर पाए।

इस तकनीक को ARQ (Automatic Repeat Request) के नाम से भी जाना जाता है।

Types of Error Control in Hindi – एरर कण्ट्रोल के प्रकार

इसके दो प्रकार होते है :-

types of error control

1- Error Detection

Error detection में error को detect और identify किया जाता है।

2- Error Correction

Error correction में error को ठीक किया जाता है।

Error Control Phases in Hindi – एरर कण्ट्रोल के फेज

इसके तीन phase होते है :-

phases in error control

1- Detection of Error

इस phase में error को रिसीवर और सेन्डर के द्वारा detect किया जाता है।

2- Acknowledgment

Acknowledgment को शार्ट फॉर्म में ACK कहते है। यह positive और negative दो तरह का हो सकता है।

1- Positive Acknowledgment

यह correct frame रिसीव करने के बाद receiver को positive acknowledge send करता है।

2- Negative Acknowledgment

इसमें duplicate frame प्राप्त होने पर receiver sender को negative acknowledgment भेजता है।

3- Retransmission

इस phase में सेन्डर एक समय की अवधि (time period) रखता है। यदि acknowledgment समय से पहले receive नहीं होता तो यह एक negative acknowledgment होगा। इस स्थिति में सेन्डर frame को retransmit करता है।

Types of Error Control Techniques in Hindi – एरर कण्ट्रोल की तकनीक

इसमें दो तरह की तकनीक होती है :-

types of error control techniques

1- Stop and Wait ARQ

इस तकनीक को alternating bit protocol भी कहते है। यह एक तकनीक जिसका उपयोग दो connected devices के बिच data और information को transmit करने के लिए किया जाता है।

इस तकनीक में सेन्डर रिसीवर को data और information को packet के रूप में भेजता है। इस तकनीक का उपयोग corrupted डेटा को re-transmit करने के लिए किया जाता है। यह तकनीक principle पर काम करती है।

इस तकनीक में सेन्डर के द्वारा timeout counter बनाया जाता है जो frame भेजने पर शुरू हो जाता है।

यदि सेन्डर समय खत्म होने से पहले acknowledgment को रिसीव कर लेता है तो यह माना जायेगा की frame successful डिलीवर हो गया है।

यदि सेन्डर समय खत्म होने से पहले acknowledgment को रिसीव नहीं कर पाता तो यह माना जायेगा की frame deliver नहीं हुआ है frame को दोबारा transmit किया जाएगा।

इस तकनीक में यदि सेन्डर negative acknowledgment को रिसीव करता है तो frame को दोबारा transmit किया जाएगा।

2- Sliding Window ARQ

इस तकनीक का उपयोग transmission error को कण्ट्रोल करने के लिए किया जाता है। इस तकनीक को दो category में divide किया गया है –

1- Go-Back-N ARQ

यह एक ARQ protocol है जिसमे transmission प्रक्रिया receiver से acknowledgment packet को प्राप्त किये बिना डेटा को transmit कर दिया जाता है। यह प्रोटोकॉल (sliding window flow control protocol) का उपयोग करता है।

यह एक तकनीक भी है जिसमे सेन्डर के पास buffers होते है जिन्हे sending window के नाम से भी जाना जाता है। इस तकनीक में acknowledgment को receive किये बिना multiple frames को window में send कर दिया जाता है।

इसके बाद receiver एक एक करके frame को receive करता है। सेन्डर के द्वारा सभी frames को भेजने के बाद यह positive acknowledgment को check करता है।

यदि सेन्डर को सभी positive acknowledgment रिसीव हुए है तो वह frame का अगला set भेजता है। यदि सेन्डर को negative acknowledgment रिसीव हुए है तो वह सभी frames को retransmit करता है।

2- Selective Repeat ARQ

यह भी एक ARQ protocol है जिसमे corrupted डेटा को re-transmit किया जाता है। यह एक तकनीक भी है जो Go-Back-N ARQ के समान होती है।
यह तकनीक Go-Back-N ARQ की तुलना में अधिक efficient है।

इस तकनीक में sender और receiver दोनों के पास buffers होते है जिनका उपयोग वह window को भेजने और प्राप्त करने के लिए करते है। यह सभी received frames के लिए positive acknowledgment भेजता है।

यह उन सभी frames के लिए negative acknowledgment भेजता है जो frames corrupt होते है।

Difference between Error control & Flow control in Hindi – एरर और फ्लो कण्ट्रोल में अंतर्

Error ControlFlow Control
यह केवल free data को sender और receiver तक डेटा को transmit करता है।यह केवल sender और receiver तक डेटा को transmit कर सकता है।
इसमें error को detect करने के लिए चार approaches है – Checksum, Cyclic Redundancy Check और Parity CheckingFlow control के दो approaches है , Feedback-based Flow Control और Rate-based Flow Control
यह डेटा में मौजूद error को detect करने और उसे ठीक करने में मदद करता है।यह डेटा को नुकसान होने से बचाता है।
यह receive buffers को run नहीं करता।यह receive buffers को run करने मदद करता है।
इसके उदहारण – Stop and Wait ARQ और Sliding Window ARQ.इसके उदहारण Stop and Wait Protocol और Sliding Window Protocol है।

Exam में पूछे जाने वाले प्रश्न

1- एरर कण्ट्रोल क्या है?

Error control एक प्रक्रिया है जो data और information में मौजूद error को detect करती है।

2- एरर कण्ट्रोल के कितने phase होते है?

इसके तीन phase होते है :- detection of error, acknowledgment और retransmission

Reference:https://www.geeksforgeeks.org/error-control-in-data-link-layer/

निवेदन:- अगर आपके लिए Error Control in Hindi (एरर कण्ट्रोल क्या है) का यह पोस्ट उपयोगी रहा हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ अवश्य share कीजिये. और आपके जो भी questions हो उन्हें नीचे comment करके बताइए. धन्यवाद.

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