FTP in Hindi – FTP क्या है और इसके प्रकार

हेल्लो दोस्तों! आज हम इस आर्टिकल में FTP in Hindi (FTP क्या है और इसके प्रकार) के बारें में पढेंगे. इसे बहुत ही आसान भाषा में लिखा गया है. इसे आप पूरा पढ़िए, यह आपको आसानी से समझ में आ जायेगा. तो चलिए शुरू करते हैं:-

FTP in hindi

FTP का पूरा नाम (File Transfer Protocol) है। यह एक एप्लीकेशन लेयर प्रोटोकॉल है जिसका उपयोग फाइलों को एक सिस्टम से दुसरे सिस्टम में transfer करने के लिए किया जाता है।

इसके अलावा यह सिस्टम में web page फाइलों को ट्रांसफर करने में मदद करता है।

FTP को TCP/IP के द्वारा develop किया गया है। इसे नियमो (rule) का समूह (set) भी कहा जाता है जो सिस्टम में फाइलों को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया को control करता है।

इसका उपयोग करके यूजर सर्वर से फाइलों को download कर सकता है।

यह फाइलों को एक transfer करते वक़्त तीन अलग अलग mode का उपयोग करता है, Block, stream और compressed.

Types of FTP Connections in Hindi – FTP के कनेक्शन

इसके दो कनेक्शन होते है :-

types of ftp connection

1- Control Connection

Control connection का प्रयोग FTP server को कमांड send करने और सर्वर से Message Receive करने के लिए किया जाता है।

जब कोई FTP client किसी FTP server के साथ आपस में connect होता है तब FTP (TCP) protocol का उपयोग करके कण्ट्रोल कनेक्शन का निर्माण करता है।

कण्ट्रोल कनेक्शन संचार के दौरान बहुत सरल नियमो का प्रयोग करता है।

2- Data Connection

जब FTP क्लाइंट FTP सर्वर के साथ डेटा को exchange करता है जैसे (फाइल FTP Server में upload करना और download करना) तब FTP (UDP protocol) का उपयोग करके Data Connection का निर्माण करता है।

यह संचार के दौरान बहुत जटिल (complex) नियमो का प्रयोग करता है।

Types of FTP in Hindi – FTP के प्रकार

इसके चार प्रकार होते है :-

types of FTP in hindi

1- Anonymous FTP

Anonymous में फाइलों को एक सिस्टम से दुसरे सिस्टम में ट्रांसफर करने के लिए यूजर को Id और password की ज़रूरत नहीं पड़ती जिसकी वजह से यूजर Id और password के बिना भी फाइलों को ट्रांसफर कर सकता है।

यह अपना काम port 21 में करता है। इसे शार्ट फॉर्म में AFTP कहा जाता है। इसमें music, pictures, movie clips और other files को ट्रांसफर करने के लिए बहुत सारी anonymous FTP sites उपलब्ध है।

2- Password-protected FTP

इसमें फाइलों को ट्रांसफर करने के लिए यूजर को user Id और password की ज़रूरत पड़ती है लेकिन इसके बावजूद Password-protected FTP में security की कमी देखने को मिलती है।

यह अपना काम पोर्ट 21 में करता है।

3- FTP Secure (FTPS)

इस FTP को SSH FTP भी कहा जाता है। इसमें files को सुरक्षित करने के लिए SSH (secure shell) का प्रयोग किया जाता है।

यह FTP की तुलना में ज्यादा secure होता है। यह डेटा को encrypt करके यूजर के डेटा को सुरक्षित कर देता है जिसकी मदद से कोई भी व्यक्ति यूजर की permission के बिना डेटा का उपयोग नहीं कर सकता।

इसे समझना किसी भी यूजर के लिए आसान होता है।

4- Secure FTP (SFTP)

इसे FTP SSL भी कहते है। इसमें फाइल्स को सुरक्षित रखने के लिए SSL (Secure socket layer) का प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा यह transmission प्रक्रिया के दौरान कमांड और डेटा दोनों को encrypt करता है।

इसे सिक्योर फाइल ट्रांसफर प्रोटोकॉल के नाम से भी जाना जाता है। इस FTP में SSH का प्रयोग system administration के द्वारा सुरक्षित तरीके से सिस्टम और एप्लिकेशन तक पहुंचने के लिए किया जाता है।

FTP Client in Hindi – FTP के क्लाइंट

यह एक प्रोग्राम है जो फाइल ट्रांसफर प्रोटोकॉल को लागु (apply) करता है। दूसरे शब्दो में कहे तो FTP Client एक प्रकार का प्रोग्राम है जिसका प्रयोग सर्वर में फाइलों को उपलोड , डाउनलोड और मैनेज करने के लिए किया जाता है।

यह डेटा को सिस्टम में ट्रांसफर करने की permission देता है। इसमें कमांड का एक समूह (set) होता है जिसका प्रयोग यूजर के द्वारा एक सिस्टम को दुसरे सिस्टम के साथ connect करने के लिए किया जाता है।

Types of FTP Client – FTP क्लाइंट के प्रकार

इसके चार प्रकार होते है :-

types of ftp client

1- FileZilla

यह Windows, macOS और Linux के लिए FTP Client है जो FTP, FTPS और SFTP को सपोर्ट करता है।

2- Transmit

यह macOS के लिए एक FTP client है जो FTP और SSH को सपोर्ट करता है।

3- WinSCP

यह एक विंडोज FTP Client है जो FTP, SSH और SFTP को सपोर्ट करता है।

4- WS_FTP

यह भी windows FTP client जो SSH को सपोर्ट करता है।

Application of FTP in Hindi – FTP के उपयोग

1- FTP का प्रयोग business organization में फाइलों को सिस्टम में transfer करने के लिए किया जाता है।

2- इसका उपयोग company, organization, और government के द्वारा finance documents को सुरक्षित तरीके से ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है।

3- यह employee की workers के साथ डेटा शेयर करने में मदद करता है।

4- इसका प्रयोग IT Companies के द्वारा डेटा का backup लेने के लिए भी किया जाता है।

Advantages of FTP in Hindi – FTP के फायदे

1- यह फाइलों को तेज गति के साथ ट्रांसफर करता है जिसकी वजह से यूजर के समय की बचत हो जाती है।

2- यह काफी सुरक्षित होता है क्योकि FTP server में यूजर को एक्सेस प्राप्त करने के लिए user Id और password की ज़रूरत पड़ती है।

3- इसका उपयोग करना किसी भी यूजर के लिए आसान होता है।

4- यह HTTP की तुलना में काफी तेज होता है।

5- यह बड़ी आकार वाली फाइलों को ट्रांसफर करने में सक्ष्म होता है।

6- इसका प्रयोग करके यूजर अलग अलग फाइलों को एक साथ ट्रांसफर कर सकता है।

7- यह सभी प्रकार के operating system को सपोर्ट करता है।

8- यह सभी प्रकार के host को सपोर्ट करता है।

Disadvantage of FTP in Hindi – FTP के नुकसान

1- फाइलों को ट्रांसफर करते वक़्त FTP encryption की सुविधा प्रदान नहीं करता जिसकी वजह से hackers फाइलों को आसानी से चोरी कर सकते है और यूजर के डेटा का उपयोग गलत कामो के लिए कर सकते है।

2- FTP में limited user मोबाइल डिवाइस को एक्सेस कर सकते है।

3- यह सभी सिस्टम के लिए compatible नहीं है जिसका अर्थ यह है की FTP सभी प्रकार के सिस्टम को सपोर्ट नहीं करता।

4- इसमें error को detect करना काफी मुश्किल होता है।

5- इसमें वायरस को scan करना मुश्किल होता है।

6- FTP में कनेक्शन को filter करना काफी मुश्किल होता है।

7- इसमें remote system में उपलोड की गई फाइलों को track करना मुश्किल होता है।

Difference Between FTP & HTTP in Hindi – FTP और HTTP में अंतर्

FTPHTTP
FTP का पूरा नाम (File Transfer Protocol) है।HTTP का पूरा नाम (Hypertext Transfer Protocol) है।
यह नियमो का एक समूह है जो फाइलों को download और upload करने में मदद करता है।यह नियमो का एक समूह है , जो डेटा ट्रांसफर करने की प्रक्रिया को control करता है।
यह डेटा कनेक्शन और कण्ट्रोल कनेक्शन को सपोर्ट करता है।यह केवल डेटा connection को सपोर्ट करता है।
यह ट्रांसमिशन कंट्रोल प्रोटोकॉल का उपयोग करता है और TCP port 20 और 21 पर काम करता है।यह TCP (ट्रांसमिशन कण्ट्रोल प्रोटोकॉल) का उपयोग करता है और पोर्ट 80 पर काम करता है।
इसमें authentication की ज़रूरत पड़ती है।HTTP को authentication की ज़रूरत नहीं पड़ती।
यह बड़ी फाइलों को transfer करने में मदद करता है।यह छोटी फाइलों को ट्रांसफर करने में मदद करता है।
इसका उपयोग क्लाइंट और सर्वर के बीच फाइलों को अपलोड और डाउनलोड करने के लिए किया जाता है।इसका प्रयोग वेब सर्वर से वेब ब्राउज़र को वेब पेज प्रदान करने के लिए किया जाता है।
यह एक stateless protocol नहीं है।यह एक stateless protocol है।
यह (Out Band) के band transfer को सपोर्ट करता है।यह (In Band) के band transfer को सपोर्ट करता है।
यह कण्ट्रोल कनेक्शन के लिए Persistent TCP connection का उपयोग करता है और डेटा कनेक्शन के लिए Non -Persistent TCP कनेक्शन का उपयोग करता है।यह Persistent और Non-persistent TCP कनेक्शन को सपोर्ट करता है।
यह two way connection का उपयोग करता है।यह one way communication का उपयोग करता है।
HTTP की तुलना में FTP की स्पीड धीमी होती है।HTTP की स्पीड काफी तेज होती है।

Why is FTP needed – FTP की ज़रूरत क्यों पड़ती है

फाइलों को एक सिस्टम से दुसरे सिस्टम में ट्रांसफर करना काफी आसान होता है। हम FTP के बिना भी फाइलों को ट्रांसफर कर सकते है लेकिन फिर भी हमे FTP की ज़रूरत पड़ती है क्योकि फाइलों को ट्रांसफर करते वक़्त यूजर को कई समस्याओ का सामना करना पड़ता है।

जैसे (दो कंप्यूटर के structure अलग अलग हो सकते है , दो कंप्यूटर का फाइल फॉर्मेट अलग हो सकता है और दो कंप्यूटर अलग अलग तरीको से text और data को रिप्रेजेंट करते हो. FTP इन सभी समस्याओ को दूर करके दो कनेक्शन को स्थापीत करता है।

एक कनेक्शन का उपयोग डेटा को ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है और दुसरे कनेक्शन का उपयोग डेटा को कंट्रोल करने के लिए किया जाता है।

Exam में पूछे जाने वाले प्रश्न

1- FTP क्या है?

यह एक एप्लीकेशन लेयर प्रोटोकॉल है जिसका उपयोग फाइलों को एक सिस्टम से दुसरे सिस्टम में transfer करने के लिए किया जाता है।

2- FTP के कितने प्रकार होते है?

इसके चार प्रकार होते है :- Anonymous FTP, Password-protected FTP, FTP Secure (FTPS) और Secure FTP (SFTP) .

Reference:https://www.techtarget.com/searchnetworking/definition/File-Transfer-Protocol-FTP

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