Gateway in Hindi – गेटवे क्या है और इसके प्रकार

हेल्लो दोस्तों! आज हम इस आर्टिकल में Gateway in Hindi – (गेटवे क्या है और इसके प्रकार) के बारें में पढेंगे. इसे बहुत ही आसान भाषा में लिखा गया है. इसे आप पूरा पढ़िए, यह आपको आसानी से समझ में आ जायेगा. तो चलिए शुरू करते हैं:-

गेटवे एक प्रकार का हार्डवेयर डिवाइस है जिसका उपयोग दूर संचार (telecommunication) के लिए किया जाता है। इस डिवाइस का उपयोग करके दो नेटवर्को को अलग अलग ट्रांसमिशन प्रोटोकॉल के साथ कनेक्ट किया जाता है।

दुसरे शब्दो में कहे तो gateway एक तरह का node है जो नेटवर्क के लिए एक प्रवेश (entry) और निकास (Exit) बिंदु (point) के रूप में कार्य करता है। डेटा को रुट किये जाने से पहले गेटवे से होकर गुजरना पड़ता है।

इस डिवाइस का उपयोग इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स के द्वारा सिस्टम को web के साथ कनेक्ट करने के लिए भी किया जाता है।

इस डिवाइस में कुछ ऐसे हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर डिवाइस होते है जिनके बिना इंटरनेट का उपयोग करना मुश्किल होता है।

यह डिवाइस यूजर को इंटरनेट एक्सेस करने में मदद करता है।

यह डिवाइस OSI मॉडल (open systems interconnection) की लेयर पर काम करता है। OSI मॉडल में सात तरह की layer होती है जिनमे gateway किसी भी layer पर काम कर सकता है।

Features of Gateway in Hindi – गेटवे की विशेषताएँ

1- Gateway नेटवर्क के border line पर होता है, जहा पर नेटवर्क से प्राप्त होने वाले डेटा को manage किया जाता है।

2- यह डिवाइस अलग-अलग ट्रांसमिशन प्रोटोकॉल के साथ काम करने वाले दो अलग-अलग नेटवर्क के बीच एक रास्ता बनाने का काम करता है जिसकी मदद से डेटा को आगे ट्रांसफर किया जाता है।

3.- यह डिवाइस नेटवर्क प्रोटोकॉल कनवर्टर के रूप में भी काम करता है।

4- यह डिवाइस OSI मॉडल के किसी भी layer पर काम कर सकता है।

5- जिस मार्ग में डेटा को ट्रांसफर किया जाता है उस मार्ग में gateway डेटा को transmit करता है।

6- यह नेटवर्क में डेटा का संचार करने के लिए packet switching तकनीक का उपयोग करता है।

Types of Gateway in Hindi – गेटवे के प्रकार

इसके दो प्रकार होते है :-

types of gateway

1- Unidirectional Gateway

Unidirectional gateway हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का कॉम्बिनेशन है जिसे हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को आपस में जोड़कर बनाया गया है।

यह डेटा को केवल एक ही दिशा में में प्रसारित (transmit) करने की अनुमति प्रदान करता है।

इस गेटवे को archiving tools के नाम से भी जाना जाता है।

2- Bidirectional Gateways

Bidirectional Gateway डेटा को दोनों दिशाओ में प्रसारित करने की अनुमति प्रदान करता है।

इस गेटवे का उपयोग synchronization devices में किया जाता है।

सिंक्रनाइज़ेशन एक तरह की प्रक्रिया होती है जिसमे मोबाइल डिवाइस कंप्यूटर सर्वर के साथ संचार करता है।

Types of Gateway (Basis On Functionalities) in Hindi

इसके तीन प्रकार होते है :-

types of gateway basis of function

1- Network Gateway

यह gateway अलग अलग protocol के साथ दो अलग अलग नेटवर्क के बिच एक तरह का interface प्रदान करता है।

2- Internet-To-Orbit Gateway (I2O)

यह पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले अंतरिक्ष यानो को devices से कनेक्ट करता है।

3- VoiP Trunk Gateway

यह VoIP (वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल) नेटवर्को के साथ टेलीफोन सेवाओं जैसे (landline phones और fax machines) की सुविधा सुविधा प्रदान करता है।

Application of Gateway in Hindi – गेटवे के उपयोग

1- Gateway का उपयोग दूरसंचार (telecommunication) के लिए किया जाता है .

2- इस डिवाइस का उपयोग रियल टाइम कम्युनिकेशन के लिए किया जाता है।

3- यह डिवाइस ऑडियो कन्वर्शन को सपोर्ट करता है जिसकी मदद से कॉल का set up करना आसान होता है।

4- इसका उपयोग devices की निगरानी रखने के लिए किया जाता है ताकि डेटा को ट्रांसफर करते वक़्त यूजर को किसी भी समस्या का सामना ना करना पड़े।

5- इसका उपयोग डेटा को कलेक्ट करने के लिए भी किया जाता है।

6- यह डिवाइस प्रोसेस को execute करने में मदद करता है।

7- यह डिवाइस यूजर को इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करता है।

Advantages of Gateway in Hindi – गेटवे के फायदे

1- गेटवे में नेटवर्क को expand किया जा सकता है, जिसकी मदद से लम्बी दूरी का संचार सम्भव हो पाता है।

2- इस डिवाइस में अलग अलग प्रकार के कंप्यूटर से जानकारी प्राप्त करना आसान होता है।

3- यह डिवाइस यूजर के डेटा को सुरक्षित करता है।

4- यह डेटा को प्रोटेक्ट करने के लिए user Id और password जेसी सुविधा देता है, जिसमे केवल authorize यूजर ही डेटा को एक्सेस कर सकता है।

5- यह डिवाइस डेटा पैकेट और सेवाओं को फ़िल्टर करता है, जिसकी मदद से डेटा पैकेट और सेवाओं को analyse करना आसान हो जाता है।

6- यह डेटा पैकेट को फ़िल्टर करने के साथ साथ डेटा पैकेट को convert भी कर सकता है इसलिए गेटवे को प्रोटोकॉल कन्वर्टर भी कहते है।

Disadvantages of Gateway in Hindi – गेटवे के नुक़सान

1- गेटवे का setup करना काफी मुश्किल होता है।

2- यह काफी expensive डिवाइस होते है।

3- इस डिवाइस में डेटा को ट्रांसफर करने में काफी समय का वक़्त लगता है।

4- यह डिवाइस दुसरे devices से communicate नहीं कर सकता .

5- इस डिवाइस में संचार करते वक़्त यूजर को कई समस्याओ का सामना करना पड़ता है।

Difference between Gateway and Router – गेटवे और राऊटर में अंतर्

GatewayRouter
यह एक हार्डवेयर डिवाइस है जिसका उपयोग telecommunication के लिए किया जाता है।यह एक नेटवर्किंग लेयर सिस्टम है जिसका उपयोग कंप्यूटर नेटवर्क पर डेटा पैकेट को manage और forward करने के लिए किया जाता है।
यह OSI मॉडल की पांचवी लेयर पर काम करता है।यह OSI मॉडल के तीसरी और चौथी layer पर काम करता है।
यह physical servers और virtual applications के लिए उपलब्ध है।यह केवल dedicated applications के लिए उपलब्ध है।
यह दो अलग अलग नेटवर्क को आपस में कनेक्ट करता है।यह समान नेटवर्क में डेटा पैकेट को रुट करता है।
यह dynamic routing को सपोर्ट नहीं करता।यह dynamic routing को सपोर्ट करता है।
इसे gateway router, proxy server, और voice gateway भी कहा जाता है।राउटर को वायरलेस राउटर और इंटरनेट राउटर भी कहा जाता है।

Exam में पूछे जाने वाले प्रश्न

1- गेटवे क्या है?

गेटवे एक प्रकार का हार्डवेयर डिवाइस है जिसका उपयोग दूर संचार (telecommunication) के लिए किया जाता है।

2- गेटवे के कितने प्रकार होते है?

इसके दो प्रकार होते है :- Unidirectional Gateway और Bidirectional Gateways .

Reference:https://www.tutorialspoint.com/what-are-gateways-in-computer-network

निवेदन:- अगर आपके लिए Gateway in Hindi – (गेटवे क्या है और इसके प्रकार) का यह पोस्ट उपयोगी रहा हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ अवश्य share कीजिये. और आपके जो भी questions हो उन्हें नीचे comment करके बताइए. धन्यवाद.

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